June 9, 2026 11:35 pm

मानसून से पहले अलर्ट मोड में सरकार, सीएम धामी के सख्त निर्देश; 15 नवंबर तक सभी सड़कें होंगी गड्ढा मुक्त

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की दस्तक से पहले सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पहले सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएं और किसी भी आपदा से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार रहें।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून समाप्त होने के बाद 15 नवंबर 2026 तक प्रदेश की सभी सड़कें गड्ढा मुक्त कर दी जाएं। साथ ही पिछले वर्ष आपदा प्रभावित क्षेत्रों में अधूरे कार्य मानसून से पहले पूरे करने, पुलों, कल्वर्टों और ड्रेनेज सिस्टम की मरम्मत तथा नालों की सफाई समयबद्ध तरीके से कराने को कहा।

स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर भी मुख्यमंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने, पर्याप्त दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सभी जिलाधिकारियों को गर्भवती महिलाओं की अद्यतन सूची तैयार रखने और संवेदनशील क्षेत्रों की महिलाओं के लिए अस्पतालों के निकट ठहरने की व्यवस्था करने को कहा गया। जरूरत पड़ने पर हेली एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में भूस्खलन, बाढ़ और भू-कटाव संभावित क्षेत्रों का अद्यतन मानचित्र तैयार करने के साथ ही संवेदनशील गांवों, स्कूलों और अस्पतालों की सूची बनाने को कहा। चारधाम यात्रा मार्ग समेत राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर विशेष निगरानी रखने तथा जेसीबी, पोकलैंड, डंपर और क्रेन जैसी मशीनों को पहले से संवेदनशील स्थानों पर तैनात करने के निर्देश भी दिए गए। जहां सड़कें बार-बार बाधित होती हैं, वहां वैकल्पिक मार्ग तैयार रखने पर भी जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और प्रत्येक तहसील में राहत एवं बचाव सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र और जिला नियंत्रण कक्षों के बीच 24 घंटे समन्वय बनाए रखने तथा मौसम संबंधी अलर्ट ग्राम स्तर तक पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत की जाए। साथ ही मानसून से पहले अतिक्रमण हटाने और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के दौरान बिजली, पेयजल, सड़क और दूरसंचार जैसी मूलभूत सेवाएं लंबे समय तक प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी विभाग विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें और एसटीपी व पुलों के आसपास की विद्युत लाइनों का सुरक्षा ऑडिट भी कराया जाए।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक बड़ी राहत की घोषणा करते हुए बताया कि कैंचीधाम बाईपास बुधवार से यातायात के लिए शुरू किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या से काफी राहत मिलेगी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने ब्रिक्स डिजास्टर रिस्क रिडक्शन वर्किंग ग्रुप की बैठक में उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल को मिली अंतरराष्ट्रीय सराहना पर खुशी जताई और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, एसडीआरएफ, यूएलएमएमसी समेत सभी संबंधित एजेंसियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य की तकनीक आधारित कार्यप्रणाली, बेहतर समन्वय और आपदा प्रबंधन में किए गए नवाचारों का परिणाम है।

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