June 9, 2026 5:05 am

उत्तराखंड: IFS अफसरों के तबादलों पर नहीं लग पाई CSB की मुहर, इन 5 नए अफसरों को मिली जिम्मेदारी

देहरादून: उत्तराखंड में भारतीय वन सेवा के अधिकारियों को नई तैनाती देने पर मुहर नहीं लग पाई. दरअसल सिविल सर्विस बोर्ड (CSB) की बैठक के लिए समय तो निर्धारित किया गया लेकिन अपरिहार्य कारणों से CSB हो ही नहीं सकी. उधर MOEF (मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरनमेंट एंड फॉरेस्ट) ने 5 IFS अफसरों को उत्तराखंड कैडर अलॉट किया है, जिससे प्रदेश में IFS अफसरों की कमी को कुछ हद तक दूर किया जा सकेगा.

उत्तराखंड में भारतीय वन सेवा के अधिकारियों को तैनाती के लिए अभी और इंतजार करना होगा. दरअसल सिविल सर्विस बोर्ड की बैठक तय होने के बाद भी तबादलों पर बोर्ड निर्णय नहीं ले पाया है, ऐसा इसलिए क्योंकि शुक्रवार को सचिवालय में सिविल सर्विस बोर्ड की शाम 5:30 बजे होने वाली बैठक आहूत ही नहीं हो सकी. वैसे तो बैठक न होने के लिए अपरिहार्य कारण बताए गए, लेकिन माना जा रहा है कि होमवर्क पूरा न होने के चलते सिविल सर्विस बोर्ड की बैठक नहीं हुई.

उत्तराखंड वन विभाग में इस वक्त अधिकारियों की जबरदस्त कमी देखने को मिल रही है और ऐसे कई पद है जिन्हें डबल या इससे भी ज्यादा के चार्ज पर अफसर देख रहे हैं, न केवल फील्ड स्तर पर बल्कि वन मुख्यालय में भी एक-एक अधिकारियों को दो-दो या चार-चार पद भी दिए हुए हैं. बड़ी बात यह है कि विभाग में महत्वपूर्ण पदों को भी रेगुलर अफसर नहीं मिल पा रहे हैं. वन मुख्यालय में PCCF wildlife, CAMPA, वन पंचायत, प्रशासन समेत कई पद हैं जो दोहरे चार्ज पर हैं.

उधर हाल ही में कई अधिकारियों के प्रमोशन भी हुए हैं, जिसमें से कुछ को नई तैनाती भी दी जा सकती हैं. हालांकि इसमें अधिकतर के मौजूदा पद पर ही बने रहने की उम्मीद है. प्रमोशन पाने वालों में 2008 बैच के साकेत बडोला है जो इस वक्त कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक हैं. साथ ही उनके पास पश्चिमी सर्कल जैसे अहम पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी काफी समय से बनी हुई है. साकेत बडोला को CF से CCF पर पदोन्नति मिली है. इसके अलावा 2004 बैच के टीआर बीजू लाल के प्रमोशन पर भी विचार किया गया, लेकिन तकनीकी पहलुओं को देखते हुए फिलहाल उन्हें CCF पर प्रमोशन नहीं मिल पाया.

प्रमोशन पाने वालों में IFS कल्याणी और चंद्रशेखर जोशी भी हैं. हालांकि इन्हें पहले ही प्रभारी CF की पोस्टिंग दी जा चुकी है, लेकिन अब CF रैंक पर प्रमोशन होने के बाद ये फुल फ्लैश CF हो गए हैं. 2017 बैच के पांच अधिकारियों महातिम यादव, कुंदन कुमार, दीपक सिंह, आशुतोष सिंह और पुनीत तोमर को भी प्रमोशन मिला है. ये सभी जनवरी 2026 में अपनी 9 साल की आवश्यक सेवा अवधि पूरी कर चुके हैं, जिसके बाद इन्हें जेएजी (जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड) में पदोन्नति का लाभ मिला है.

प्रमोशन पाने वालों में साल 2022 के भारतीय वन सेवा के अधिकारी भी हैं, इस बैच के तीन अधिकारियों को 5400 से 6600 ग्रेड पे पर प्रमोट किया गया है. सीनियर टाइम स्केल पाने वाले इन अधिकारियों में आकाश गंगवार, तरुण एस और राहुल मिश्रा शामिल हैं.

उधर दूसरी तरफ मिनिस्ट्री आफ एनवायरनमेंट एंड फॉरेस्ट (MOEF) ने उत्तराखंड को पांच IFS अलॉट किए हैं. साल 2024 बैच के 5 IFS अधिकारी राज्य को मिले हैं. इन अधिकारियों ने प्रोविजन के रूप में फेस वन की प्रोफेशनल ट्रेनिंग इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट एकेडमी देहरादून से की है. 2 साल की इस ट्रेनिंग के बाद अब उत्तराखंड कैडर पाने वाले पांच अधिकारियों को 4 महीने की ऑन द जॉब ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है.

इसके बाद इन्हें फिर से इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट एकेडमी में रिपोर्ट करना होगा और आगे का प्रशिक्षण पूरा करना होगा, जिसके बाद यह उत्तराखंड में बतौर अफसर काम कर सकेंगे. उत्तराखंड कैडर जिन पांच अधिकारियों को दिया गया है, उनमें डिनो पुरुषोत्तम, गौरव वर्मा, शिरीन संजय पंडित, विनीत कुमार और यश डोबाल का नाम शामिल हैं.

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