March 20, 2026 2:24 am

थारू संस्कृति उत्तराखंड की अमूल्य धरोहर, समाज के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री धामी

खटीमा / देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में आयोजित थारू होली महामहोत्सव को मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को नमन करते हुए प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से शामिल न हो पाने पर खेद व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि थारू समाज की सांस्कृतिक परंपराएं अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली हैं। उन्होंने कहा कि थारू समाज के रीति-रिवाज, लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और प्रकृति के प्रति उनका गहरा जुड़ाव राज्य की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि खटीमा ही नहीं बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए थारू संस्कृति गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि थारू समाज की होली अपनी विशेष परंपराओं के कारण अलग पहचान रखती है और कई दिनों तक उल्लास और उत्साह के साथ मनाई जाती है। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

उन्होंने कहा कि उनका मन हमेशा खटीमा की जनता के साथ जुड़ा हुआ है, भले ही इस बार वे कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित नहीं हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं के क्षेत्र में जनजातीय समुदाय को सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल आवास योजना में आय सीमा को व्यावहारिक बनाते हुए निर्माण लागत में वृद्धि की गई है, जिससे अधिक से अधिक परिवारों को लाभ मिल रहा है। उधम सिंह नगर जनपद में भी इस योजना के अंतर्गत करोड़ों रुपये की सहायता प्रदान की गई है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में जनजातीय परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं और इस वर्ष प्राप्त आवेदनों में लगभग अट्ठाईस प्रतिशत आवेदन जनजातीय परिवारों के हैं। इसके साथ ही जनमन आवास योजना के तहत भी जनपद में कई आवासों का निर्माण किया गया है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के विकास के लिए धनराशि प्रदान की जा रही है तथा इन विद्यालयों को कक्षा बारह तक उन्नत किया जा रहा है। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। खटीमा, बाजपुर और गदरपुर में छात्रावासों और शैक्षिक आधारभूत ढांचे के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। वन धन केंद्रों के माध्यम से उत्पादों को बाजार से जोड़कर आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिलाओं को चक्रीय निधि और निवेश सहायता प्रदान कर स्वरोजगार को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत कई योजनाएं सफलतापूर्वक पूरी की गई हैं और हजारों परिवारों को पेयजल, बिजली और गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही थारू विकास भवन के निर्माण और जनजातीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है।

उन्होंने कहा कि सरकार जनजातीय परिवारों को बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रही है और बड़ी संख्या में लोग इसका लाभ उठा रहे हैं। जनजातीय क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए विभिन्न जनपदों में जनजाति कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर वास्तविक परिवर्तन लाने के लिए कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक जनजातीय परिवार को सम्मानजनक जीवन, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें।

अंत में मुख्यमंत्री ने थारू समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया और जनता से सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने विश्वास जताया कि जनसमर्थन के साथ उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।

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