June 24, 2026 9:00 pm

कर्णप्रयाग-नगरासू मामलों में दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई, CM धामी ने अफवाह फैलाने वालों को भी दी चेतावनी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम एवं हेमकुंट साहिब यात्रा को लेकर मंगलवार को सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का राज्य सरकार की ओर से हार्दिक स्वागत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड आस्था, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य की अमूल्य धरोहर है तथा यहां आने वाले श्रद्धालु शांत और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव करते हैं। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे यात्रा का आनंद लें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कर्णप्रयाग और नगरासू में हाल में हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार, प्रशासन और पुलिस निष्पक्ष जांच कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों की भूमिका सामने आई है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है और जांच के आधार पर आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या पहुंच रही है। अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं। वहीं हेमकुंट साहिब यात्रा में भी पिछले वर्ष की तुलना में शुरुआती दिनों में ही करीब 25 हजार अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में सिख धर्म के प्रमुख तीर्थस्थल हेमकुंट साहिब, रीठा साहिब और नानकमत्ता साहिब स्थित हैं और सभी धर्मों एवं समुदायों का सम्मान करना राज्य की परंपरा और संस्कृति का हिस्सा है। ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के अनुरूप यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु और पर्यटक का स्वागत किया जाता है।

मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और भड़काऊ सूचनाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि समाज और समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अपुष्ट सूचना को साझा न करें और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के सभी धार्मिक स्थल आस्था, श्रद्धा और प्रेरणा के केंद्र हैं। राज्य सरकार किसी भी व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचाने या किसी धर्म एवं आस्था के खिलाफ माहौल बनाने वाले कृत्यों को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि संवाद, सद्भाव और आपसी सम्मान के माध्यम से ही सभी समस्याओं का समाधान संभव है।

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