देहरादून: पौड़ी स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ का नाम अंकिता भंडारी के नाम पर रख दिया गया है. इस संबंध में स्वास्थ्य सचिव की ओर से शासनादेश भी जारी कर दी गई है, लेकिन जहां एक ओर अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले को लेकर प्रदेश में सियासत गरमाई हुई है तो वहीं दूसरी ओर नर्सिंग कॉलेज के नाम परिवर्तन में देरी होने पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गई है.
इसकी मुख्य वजह यही है कि 16 सितंबर 2023 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ का नाम परिवर्तित कर अंकिता भंडारी के नाम पर रखने की घोषणा की थी. इसके बाद से एक लंबा वक्त बीत जाने के बावजूद इस पर कोई शासनादेश जारी नहीं किया गया, लेकिन वर्तमान समय में अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला जब एक बार फिर चर्चाओं में है. साथ ही विपक्षी दल और तमाम सामाजिक संगठन सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं.
इसी दौरान उत्तराखंड शासन की ओर से नर्सिंग कॉलेज का नाम बदलकर ‘स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) पौड़ी‘ रखे जाने संबंधित शासनादेश जारी कर दिया गया. यही वजह है कि विपक्षी दल कांग्रेस समेत संगठन के लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि करीब ढाई साल पहले किए गए घोषणा को इंप्लीमेंट करने में आखिर इतना वक्त क्यों लग गया? जबकि इसको लेकर कई बार मांग उठ चुकी है. जिसके चलते प्रदेश में राजनीतिक घमासान मचा हुआ है.
वहीं, इस पूरे मामले पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस पर अपना स्पष्टीकरण देना चाहिए. क्योंकि इसी तरह उन्होंने सितंबर 2023 को नर्सिंग कॉलेज का नाम अंकिता भंडारी के नाम पर रखने की घोषणा की थी. इस तरह की बात एक बार फिर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने की है. ऐसे में एक बड़ा सवाल यही है कि साल 2023 में कही गई बात झूठ थी या फिर जो अब सीएम ने कहा है वो झूठ है?
“मुख्यमंत्री धामी की ओर से कही गई दोनों बातें ही झूठ है. क्योंकि, नाम बदलने का अधिकार नर्सिंग काउंसिल ऑफ इंडिया को है न कि उत्तराखंड सरकार को. ऐसे में उसकी अभी तक प्रक्रिया भी शुरू नहीं हुई है. लिहाजा, सीएम तब भी झूठ बोल रहे थे और अब भी झूठ बोल रहे हैं.“- गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
वहीं, इस पूरे मामले पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर माहौल खराब करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि कांग्रेस इस तरह के मुद्दे को उछालकर सिर्फ प्रदेश में माहौल खराब करने का प्रयास कर रही है. ये सब जनता देख रही है..
“ये राजनीतिक और तथ्यहीन मुद्दा है. ये मुद्दा तब उठते हैं, जब राजनीतिक दलों के पास कोई विकास के मुद्दे नहीं होते हैं. उनके पास क्षेत्र की समस्याओं के मुद्दे नहीं होते हैं. ऐसे में इस प्रकार के मुद्दे को उठकर सिर्फ राज्य के माहौल को दूषित करने का प्रयास है और जनता सब कुछ देख रही है.“- महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, बीजेपी
वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ का नाम परिवर्तित कर ‘स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ श्रीकोट (पौड़ी)’ कर दिया गया है. पीड़ित परिवार के साथ सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है. उन्हें न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
“शुरुआत से ही ये था कि राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ का नाम अंकिता भंडारी के नाम पर रखा जाए. जिस पर शासनादेश जारी कर दिए गए हैं.“- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री











