August 27, 2026 10:16 pm

धामी की चेतावनी – कितना भी प्रभावी अधिकारी हो, भ्रष्टाचार किया तो होगी कार्रवाई

देहरादून: हरिद्वार जमीन घोटाले पर सरकार की तरफ से बड़ी कार्रवाई करते हुए डीएम और नगर आयुक्त समेत अधिकारियों को सरकार ने निलंबित कर दिया है. उत्तराखंड के इतिहास में दूसरी बार है जब किसी डीएम को किसी मामले में दोषी मानते हुए निलंबित किया गया है. पूरा मामला 54 करोड़ के जमीन घोटाला से जुड़ा है. वहीं अब धामी ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड सरकार भ्रष्टाचार के मामले पर कुछ भी कोताही नहीं बरतेगी.

सीएम धामी ने कहा कि, ‘हमारी सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलती है. हम इसे जमीनी स्तर से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. जैसे ही हरिद्वार भूमि घोटाले का मामला मेरे संज्ञान में आया, तुरंत कार्रवाई की गई. अवैध भूमि लेनदेन में शामिल लोगों के खाते फ्रीज कर दिए गए. जांच रिपोर्ट की समीक्षा के बाद तत्कालीन नगर आयुक्त, जिला अधिकारी और प्रशासक समेत सात अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. अब पूरे मामले की गहन जांच के लिए विजिलेंस को सौंप दिया गया है’.

सीएम धामी ने कहा कि, ‘सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि राज्य को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना और प्रशासन में जवाबदेही सुनिश्चित करना है. हाल के महीनों में सरकार ने यह दिखा दिया है कि अब सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर नहीं, बल्कि बड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी, चाहे उनका पद या प्रभाव कितना ही बड़ा क्यों न हो. पहले जिन अधिकारियों पर सवाल उठाने में लोग हिचकते थे, अब उनके खिलाफ भी कठोर कदम उठाए जा रहे हैं.

ये है मामला

साल 2024 में हरिद्वार नगर निगम द्वारा नगर निगम चुनाव के दौरान ग्राम सराय में 54 करोड़ रुपए में 2.3070 हेक्टेयर जमीन खरीदी थी. उस दौरान हरिद्वार नगर निगम की जिम्मेदारी तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी के हाथों में थी. आरोप है कि नगर निगम ने जो जमीन खरीदी, उसकी कीमत 13 करोड़ रुपए थी. जबकि उसे 54 करोड़ रुपए में खरीदा गया. हालांकि आज तक ये स्पष्ट नहीं हो पाया कि जमीन किस उद्देश्य के लिए खरीदी गई.

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