August 13, 2026 11:17 pm

दून विश्वविद्यालय में दीक्षारम्भ सत्र का शुभारंभ, CM धामी ने युवाओं से बड़े सपने देखने का किया आह्वान

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को दून विश्वविद्यालय में दीक्षारम्भ सत्र 2026-27 और युवा संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले नए विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय जीवन केवल कक्षा और परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, नई सोच विकसित करने और जीवन की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 11 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित जैविक विज्ञान प्रयोगशाला भवन और 17 करोड़ 39 लाख रुपये की लागत से निर्मित केंद्रीय पुस्तकालय भवन का लोकार्पण किया। साथ ही दून विश्वविद्यालय सामुदायिक रेडियो स्टेशन 88.4 एफएम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को नई गति मिलेगी और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में भी मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि दून विश्वविद्यालय का केंद्रीय पुस्तकालय अब बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर केंद्रीय पुस्तकालय के नाम से जाना जाएगा। सामुदायिक रेडियो स्टेशन के संचालन के लिए कार्यक्रम समन्वयक और तकनीकी सहायक के दो पद सृजित किए जाएंगे। विद्यार्थियों के लिए दो इलेक्ट्रिक बसों की व्यवस्था भी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि दून विश्वविद्यालय में विदेशी भाषा विभागों को और मजबूत किया जाएगा। स्पेनिश, जर्मन, फ्रेंच, चीनी और जापानी भाषाओं के लिए आवश्यक पदों का सृजन किया जाएगा, ताकि इन विभागों के माध्यम से राज्य के अन्य शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को भी कौशल आधारित शिक्षा मिल सके और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति होती है। जिस देश का युवा बड़े सपने देखने का साहस, उन्हें पूरा करने का संकल्प और कठिन परिश्रम करने की क्षमता रखता है, उसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। भारत की विशाल युवा आबादी विकसित भारत की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न पहलों के साथ राज्य सरकार भी रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाने पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दौर नवाचार और तकनीक का है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे आधुनिक विषयों को बढ़ावा दिया जा रहा है। वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में साइंस सिटी और एस्ट्रो पार्क जैसी परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ शिक्षा और शोध की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे रही है। नए महाविद्यालयों और मॉडल कॉलेजों की स्थापना, महिला छात्रावास, सूचना प्रौद्योगिकी प्रयोगशालाओं और परीक्षा भवन जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए नई भर्तियां की जा रही हैं। मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना के तहत प्राध्यापकों को 18 लाख रुपये तक का शोध अनुदान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को भी सरकार आवश्यक सहयोग दे रही है। संघ लोक सेवा आयोग, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और संयुक्त रक्षा सेवा जैसी परीक्षाओं की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले युवाओं को साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50 हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ऐसी पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें युवाओं की मेहनत के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ न हो। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी व्यवस्था के परिणामस्वरूप पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का युवा विकास का दृष्टिकोण केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना समेत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। होम-स्टे, जैविक खेती, पर्यटन और स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा देकर गांव और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड की जवानी और पानी दोनों उत्तराखंड के काम आएं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से विश्वविद्यालय में उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने, अपनी क्षमताओं को पहचानने और नई सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के संदेश का उल्लेख करते हुए युवाओं से लक्ष्य प्राप्ति तक निरंतर प्रयास करते रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में विधायक विनोद चमोली, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, अपर सचिव मनमोहन मैनाली सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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