नई दिल्ली/देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि भारत का युवा विकसित भारत का सबसे बड़ा आधार है और नशे जैसी बुराई से युवाओं को बचाना पूरे देश की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ड्रग्स का अवैध कारोबार दुश्मन देशों के आतंकी एजेंडे का हिस्सा है, जो भारत की युवा शक्ति को कमजोर करने की साजिश है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर के 28 हजार से अधिक स्थानों से एक करोड़ से ज्यादा युवा इस अभियान से जुड़े हैं। उन्होंने युवाओं से नशे के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा करने का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाले 100 रविवार ‘नशा मुक्त भारत’ की दिशा में 100 मजबूत कदम साबित होंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। पहले की तुलना में कई गुना अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं और हजारों करोड़ रुपये की मादक पदार्थों की खेप जब्त की गई है। उन्होंने परिवारों से अपील की कि यदि कोई युवा नशे की चपेट में आ जाए तो उसे छिपाने के बजाय इलाज और परामर्श के माध्यम से सामान्य जीवन में वापस लाने का प्रयास करें।
अभियान के तहत देशभर में प्रत्येक रविवार खेल प्रतियोगिताएं, वॉकाथॉन, योग, ध्यान, नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों और संगठनों को 50वें, 75वें और 100वें सप्ताह में सम्मानित किया जाएगा।
उधर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कार्यक्रम में भाग लेते हुए प्रधानमंत्री की इस पहल को दूरदर्शी बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं का स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी जनजागरूकता, प्रभावी कानून व्यवस्था और विभिन्न अभियानों के माध्यम से नशामुक्त उत्तराखंड के लक्ष्य की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से इस जनअभियान से जुड़कर विकसित भारत और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।











