January 23, 2026 12:09 am

हरीश रावत ने ट्रोल करने वाले को दिया करारा जवाब, बीजेपी पर जमकर गरजे

देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ट्रोल करने वालों को सोशल मीडिया के माध्यम से करारा जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि भाजपा के कुछ ट्रोलर्स बात-बात में मेरे हर ट्वीट या फेसबुक पोस्ट या फिर मेरे बयानों पर बहुत अनर्गल तरीके से मुझे ट्रोल करते रहते हैं, जिससे पता चलता है कि अचानक उनका मुझ पर बहुत प्यार उमड़ आया है.

हरीश रावत ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा कि इन ट्रोलर्स को कांग्रेस से भी शिकायत रही है कि हरीश रावत को इस बार कोई काम नहीं सौंपा गया. कुछ कहते हैं, कि पार्टी ने दरकिनार कर दिया तो कुछ लोगों का कहना है कि हरीश रावत की क्षमता का उपयोग नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आजकल भाजपा के कुछ नेताओं को भी मेरी बड़ी तलब लग रही है, उनकी सोच रही है कि हरीश रावत के लिए कुछ ज्यादा चटपटी और कड़वी बातें कही जाए, तभी वह छपेंगे भी और शायद कभी विस्तारित नहीं होने वाले मंत्रिमंडल में भी उन्हें स्थान मिल जाएगा.

हरीश रावत ने कहा कि मैं भाजपा के इन दोस्तों से यह कहना चाहता हूं कि कांग्रेस पार्टी ने मुझे मेरी क्षमता से भी बड़ा दायित्व सौंपा है. जबकि इतना बड़ा दायित्व भाजपा ने अपने किसी भूतपूर्व मुख्यमंत्री को दिए जाने लायक भी नहीं समझा है. हरीश रावत ने कहा कि भाजपा में आजकल चार प्रकार के शीर्ष नेता हैं, पहले डिस्कार्डेट, दूसरा रिजेक्टेड, तीसरे में इजेक्टेड और चौथे में वेट लिस्टेड हैं. वेट लिस्टेड में वह भाजपा नेता हैं, जो अंगूर खट्टे वाली मुद्रा में हैं.

उन्होंने भाजपा के प्रवक्ताओं और भाजपा ट्रोलर्स को सलाह देते हुए कहा कि पहले कुछ ग्रह और देवताओं की पूजा करवाइए, ताकि ऐसे चार प्रकार के नेताओं से यह टेग हट जाए, और प्रतीक्षा सूची वाले नेताओं की प्रतीक्षा समाप्त हो जाए. मतलब बड़े हों या छोटे अंगूर के गुच्छे उनके मुंह में आ जाएं. इनमें से कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बड़े अंगूर के गुच्छे के लिए भी उछल कूद मचा रहे हैं और छोटे अंगूर के गुच्छे के लिए भी उछल कूद मचाने में लगे हुए हैं. वर्षों से एक टक गुच्छे को देखते-देखते इन बेचारों की गर्दन भी अकड़ गई है. हरीश रावत का कहना है कि हरक सिंह रावत ने भाजपा की लंका दहन करने का प्रण लिया है, भाजपा चिंता ना करे, मेरा आशीर्वाद हरक सिंह रावत के प्रण के साथ है.

और पढ़ें

मतदान सर्वेक्षण

और पढ़ें