June 25, 2026 3:33 pm

सीएम धामी के फैसले ने बदली 253 किसानों की किस्मत, ITBP को फूड सप्लाई कर कमाए करोड़ों

देहरादूनः उत्तराखंड के सीमांत जिलों में स्थित भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की बटालियनें अक्टूबर 2024 तक मटन, चिकन और मछली की आपूर्ति के लिए बड़े शहरों पर निर्भर थीं। हालांकि, अब ऐसा नहीं है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर अब उत्तराखंड पशुपालन विभाग ने ITBP के माध्यम से स्थानीय पशुपालकों से सीधा संपर्क कर एक अनुबंध किया है। इसके बाद पहले 5 महीने से 4 सीमांत जिलों के 253 किसानों ने ITBP के साथ बिजनेस शुरू किया। इससे उनकी किस्मत खुल गई। किसानों ने बीते कुछ माह में ही ITBP के साथ 2.6 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। सीएम धामी ने कहा कि इस योजना के काफी सकारात्मक परिणाम मिले हैं, इससे सीमांत के किसानों की आय में बढ़ोतरी होने के साथ ही गांवों की ओर पलायन भी कम होगा।

देश की रक्षा पंक्ति को करेंगे मजबूत: सीएम धामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके साथ ही वह आईटीबीपी के साथ मिलकर देश की रक्षा पंक्ति को मजबूत करने का काम करेंगे। आईटीबीपी को ताजा खाद्य सामग्री भी पहुंचाई जाएगी। पशुपालन विभाग ने इस योजना के संबंध में 30 अक्टूबर को साथ विधिवत अनुबंध किया। इसके तहत पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी और चंपावत जिलों की 10 सहकारी समितियों और एफपीओ से जुड़े 253 किसान आईटीबीपी की नजदीकी बटालियन को जीवित मटन, चिकन और मछली की आपूर्ति कर रहे हैं।

20 करोड़ के कारोबार की उम्मीद

योजना के पहले पांच महीनों में इन किसानों ने आईटीबीपी को कुल 79,530 किलोग्राम (42,748 किलोग्राम जीवित भेड़-बकरी, 29,407 किलोग्राम चिकन और 7,374 किलोग्राम ट्राउट मछली) की आपूर्ति की है। पशुपालन विभाग के सचिव डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि योजना के तहत किसानों को आपूर्ति के 24 घंटे के भीतर डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है। इसके लिए विभाग ने पांच करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत आईटीबीपी को सालाना 800 मीट्रिक टन मटन, चिकन और मछली की आपूर्ति होने की उम्मीद है, जिससे किसानों को लगभग 20 करोड़ रुपये का कुल कारोबार होने की उम्मीद है।

किसानों की आजीविका में आएगा अहम बदलाव

पुरुषोत्तम के मुताबिक इससे सीमांत किसानों की आजीविका में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। पिथौरागढ़ जिले के मूनाकोट ब्लॉक के बरालू गांव निवासी नरेंद्र प्रसाद भी जनवरी से आईटीबीपी को चिकन की आपूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2022-23 में पशुपालन की मुर्गी पालन योजना के तहत उन्होंने मुर्गी पालन की शुरुआत की। फिलहाल वह प्रति माह लगभग 16 क्विंटल चिकन की आपूर्ति करते हैं, जिसमें तीन क्विंटल आईटीबीपी को भी आपूर्ति की जाती है। इसी तरह मूनाकोट ब्लॉक के देवदर गांव निवासी प्रकाश कोहली ने भी जनवरी 2025 से आईटीबीपी को 11 क्विंटल बकरा आपूर्ति की है। इससे उन्हें 50 हजार रुपये का लाभ हुआ है। योजना का लाभ देखकर वह भी बकरी घाटी में आवेदन कर रहे हैं।

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