दिल्ली: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद उनके मौन पर कांग्रेस समेत विपक्ष सवाल उठा रहा है. गृह मंत्री अमित शाह ने इस पर प्रतिक्रिया दी है, धनखड़ के संवैधानिक भूमिका और स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफे का जिक्र करते हुए शाह ने उपराष्ट्रपति पद के विपक्षी उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी की आलोचना भी की.
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा देने के बाद से सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है, जिसको लेकर कांग्रेस सहित विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि धनखड़ गायब हैं. इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके इस्तीफे को लेकर जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि जगदीप धनखड़ एक संवैधानिक पद पर आसीन थे और अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संविधान के अनुरूप अच्छा काम किया. उन्होंने अपनी व्यक्तिगत स्वास्थ्य समस्या के कारण इस्तीफा दिया है. किसी को भी इसे ज्यादा खींचकर कुछ खोजने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.
केंद्रीय गृह मंत्री ने यह बयान समाचार एजेंसी एएनआई के साथ एक इंटरव्यू में दिया है. उनका बयान 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव से कुछ दिन पहले आया है. महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन इन प्रमुख चुनावों के लिए एनडीए के उम्मीदवार हैं और विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार बनाया है. जगदीप धनखड़ ने पिछले महीने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद इस बात पर चर्चा शुरू हो गई थी कि आखिर किस वजह से उन्होंने यह कदम उठाया.
राहुल गांंधी ने उठाए थे सवाल
पिछले सप्ताह कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने धनखड़ के इस कदम पर सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया था कि पुराने उपराष्ट्रपति कहां चले गए? राहुल गांधी ने कहा था कि और ये भी न भूलना चाहिए कि हम नए उपराष्ट्रपति का चुनाव क्यों कर रहे हैं. मैं किसी से बात कर रहा था तो मैंने कहा, पता है, पुराने उपराष्ट्रपति कहां चले गए?
विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर क्या बोले शाह?
वहीं, अमित शाह ने INDIA गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को लेकर बात करते हुए कहा कि उन्होंने सलवा जुडूम को खारिज कर दिया और आदिवासियों के आत्मरक्षा के अधिकार को खत्म कर दिया. इसी वजह से इस देश में नक्सलवाद दो दशकों से ज्यादा समय तक चला. मेरा मानना है कि वामपंथी विचारधारा ही सुदर्शन रेड्डी को चुनने का मानदंड रही होगी.
उपराष्ट्रपति चुनाव का शेड्यूल
- चुनाव आयोग ने 7 अगस्त को अधिसूचना जारी की.
- नामांकन की अंतिम तारीख 21 अगस्त थी.
- नामांकन की जांच की तारीख 22 अगस्त थी.
- नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 25 अगस्त है.
- मतदान करने की तारीख 9 सितंबर है.
- मतगणना की तारीख 9 सितंबर है.
