देहरादून: भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) की पासिंग आउट परेड में शामिल होने पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट माने जा रहे राष्ट्रपति उद्यान का भी निरीक्षण किया। राष्ट्रपति ने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और समयसीमा की विस्तृत जानकारी ली तथा अधिकारियों को तय समय पर परियोजना पूरी करने के निर्देश दिए।
हालांकि देहरादून में खराब मौसम और तेज हवाओं के कारण राष्ट्रपति पार्क परिसर में अधिक समय तक नहीं रुक सकीं, लेकिन उन्होंने अधिकारियों से परियोजना के हर पहलू पर फीडबैक लिया। राष्ट्रपति की सक्रिय निगरानी से साफ है कि यह परियोजना उनके लिए विशेष महत्व रखती है।
नवंबर तक पूरा होने की उम्मीद
करीब 132 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित हो रहा राष्ट्रपति उद्यान तेजी से आकार ले रहा है। प्रशासन का लक्ष्य इसे नवंबर तक पूरी तरह तैयार कर आम लोगों के लिए खोलना है। परियोजना पूरी होने के बाद देहरादून को एक विश्वस्तरीय हरित एवं सांस्कृतिक स्थल मिलेगा, जो पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगा।
2025 में हुआ था शिलान्यास
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जून 2025 में इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास किया था। इसके बाद से केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) की देखरेख में निर्माण कार्य लगातार जारी है। परियोजना को आधुनिक सुविधाओं और प्राकृतिक सौंदर्य के समन्वय के साथ विकसित किया जा रहा है।
पर्यटन और संस्कृति का नया केंद्र बनेगा उद्यान
राष्ट्रपति उद्यान को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यहां आने वाले लोगों को प्रकृति, संस्कृति, मनोरंजन और स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हों। इसके तैयार होने से देहरादून की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती मिलेगी और पर्यटकों के लिए यह एक प्रमुख आकर्षण बनेगा।
डीएम आशीष चौहान ने क्या कहा?
देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान ने बताया कि राष्ट्रपति उद्यान का निर्माण कार्य निर्धारित गति से चल रहा है और वर्तमान प्रगति को देखते हुए नवंबर तक इसके पूरा होने की पूरी संभावना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति स्वयं इस परियोजना की नियमित समीक्षा कर रही हैं और उनके दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।
बदल जाएगी दून की तस्वीर
राष्ट्रपति उद्यान केवल एक पार्क नहीं बल्कि देहरादून के लिए एक नई पहचान साबित होगा। इसके बनने से पर्यटन, सांस्कृतिक गतिविधियों, स्थानीय रोजगार और शहर की हरित छवि को नया आयाम मिलेगा। यह परियोजना उत्तराखंड की आधुनिक और महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।











