May 8, 2026 6:06 pm

ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होगा टिहरी झील क्षेत्र, धामी सरकार ने तैयार किया मास्टरप्लान

देहरादून। धामी सरकार ने टिहरी झील क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में बड़ी पहल शुरू कर दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने टिहरी झील रिंग रोड और आसपास के क्षेत्रों को वन स्टेट वन ग्लोबल डेस्टिनेशन योजना के तहत विकसित करने के निर्देश दिए।
सचिवालय में गुरुवार को मुख्य सचिव ने टिहरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की योजना ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ के अंतर्गत टिहरी झील व आसपास के क्षेत्र को विकसित करने के संबंध में बैठक की।

उन्होंने इस संबंध में एक व्यापक और समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के दौरान क्षेत्र की हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होना चाहिए।

बैठक में तय किया गया कि टिहरी स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (टाडा) पूरे क्षेत्र को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन के रूप में काम करेगा। योजना में टिहरी झील रिंग रोड, आइकोनिक ब्रिज, हरे-भरे पैदल मार्ग, ईको पार्क, प्राकृतिक व्यू प्वाइंट, वेलनेस सेंटर और एडवेंचर टूरिज्म गतिविधियों को शामिल किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने टिहरी तक संपर्क मजबूत करने, सड़कों के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर दिया। साथ ही नए पर्यटन मार्गों की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य, क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप किए जाएं।
बताया गया कि परियोजना में वाटरड्रोम और वाटरपोर्ट विकसित करने की भी योजना है। इसके अलावा सी-प्लेन संचालन को ध्यान में रखते हुए आइकोनिक पुलों के डिजाइन तैयार किए जाएंगे। बैठक में मुख्य सचिव ने डोबरा-चांटी पुल के पास स्थित हेलीपैड को हेलीपोर्ट के रूप में विकसित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि यह परियोजना उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र को नई पहचान दे सकती है। इसके लिए सभी विभागों और एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। बैठक में सचिव नागरिक उड्डयन सचिन कुर्वे, सचिव लोक निर्माण विभाग डा पंकज कुमार पांडेय, सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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