देहरादून। नेता प्रतिपक्ष Yashpal Arya ने महिला आरक्षण और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं के अधिकारों के मामले में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने वर्ष 2027 के उत्तराखंड विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनावों में मौजूदा सीटों की संख्या के 33 प्रतिशत पर महिलाओं को आरक्षण तत्काल लागू करने की मांग उठाई।
यशपाल आर्य ने कहा कि यदि इसके लिए केंद्र सरकार को दोबारा संविधान संशोधन विधेयक लाना पड़े तो विशेष सत्र बुलाकर इसे लागू किया जाए, लेकिन भाजपा सरकार जानबूझकर इस ऐतिहासिक कानून को लागू करने में टालमटोल कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं को अधिकार देने के बजाय उन्हें इंतजार में रखने का काम कर रही है।
महिला आरक्षण को तुरंत लागू करने की मांग को लेकर कांग्रेस विधान मंडल दल ने विधानसभा गेट पर धरना-प्रदर्शन भी किया। इस दौरान महिला आरक्षण के साथ महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और Ankita Bhandari सहित पीड़ित बेटियों को न्याय दिलाने की मांग उठाई गई। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विधानसभा में महिला आरक्षण लागू करने का संकल्प भी प्रस्तुत किया गया, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया जाना लोकतंत्र और महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण कानून की अधिसूचना में देरी सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करती है। साथ ही लोकसभा सीटों में प्रस्तावित वृद्धि के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इससे उत्तराखंड की हिस्सेदारी घटती और पर्वतीय क्षेत्रों की आवाज कमजोर होती। उन्होंने इस मुद्दे पर भाजपा सांसदों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए यशपाल आर्य ने कहा कि प्रदेश में महिलाएं कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। अंकिता भंडारी प्रकरण समेत कई मामलों में सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। जंगली जानवरों के हमलों में महिलाओं की मौतों को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि महिलाओं को सिर्फ आरक्षण का वादा नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और न्याय चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो कांग्रेस सड़क से सदन तक व्यापक आंदोलन चलाएगी।











