April 12, 2026 3:50 am

चारधाम यात्रा को लेकर डीजीपी ने ली हाई-लेवल मीटिंग: यात्रा मे 7 हजार पुलिसकर्मी होंगे तैनात, ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी

देहरादून: उत्तराखंड चारधाम यात्रा को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। 10 अप्रैल को डीजीपी दीपम सेठ ने अधिकारियों के साथ हाई-लेवल बैठक कर सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में डीजीपी ने निर्देश दिए कि दो एडीजी और चार आईजी चारों धामों सहित यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। यात्रा के दौरान करीब 7 हजार पुलिसकर्मी 24 घंटे तैनात रहेंगे। पूरी यात्रा व्यवस्था को 16 सुपर जोन और 149 सेक्टर में विभाजित किया गया है, जबकि 118 पार्किंग स्थल भी चिन्हित किए गए हैं।

कंट्रोल रूम से 24×7 मॉनिटरिंग
चारधाम यात्रा के लिए एकीकृत कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से सुरक्षा, यातायात, भीड़ और आपदा प्रबंधन की 24 घंटे निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही एटीएस टीमों की तैनाती की जाएगी और यात्रियों की मदद के लिए 57 टूरिस्ट पुलिस केंद्र और 48 हॉल्टिंग पॉइंट्स बनाए गए हैं।

संवेदनशील स्थानों की पहचान
यात्रा मार्ग पर संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए 52 बॉटलनेक पॉइंट, 109 लैंडस्लाइड एरिया, 274 दुर्घटना संभावित स्थल और 61 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इन स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और चेतावनी व्यवस्था तैनात की जाएगी।

हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था
चारधाम यात्रा को हाईटेक बनाने के लिए 92 सीसीटीवी कैमरे धामों में और 1168 कैमरे यात्रा मार्गों पर लगाए गए हैं। इसके अलावा 15 ड्रोन से हवाई निगरानी की जाएगी। ट्रैफिक और मौसम की जानकारी यात्रियों को लाइव मोबाइल अलर्ट के जरिए दी जाएगी।

आपदा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
यात्रा मार्ग पर 80 स्थानों पर आपदा टीमें और 37 जगहों पर SDRF की तैनाती होगी। साथ ही 8 NDRF टीमें और 2 सब-टीमें देहरादून, हरिद्वार, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में तैनात रहेंगी। 30 स्थानों पर फायर सर्विस और 32 जगहों पर जल पुलिस गोताखोर भी मौजूद रहेंगे।

ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन और हेल्प सेंटर
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 9 ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन सेंटर बनाए गए हैं। यात्रा मार्गों पर 57 टूरिस्ट पुलिस सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिससे यात्रियों को त्वरित सहायता मिल सके।

साइबर ठगी पर भी नजर
ऑनलाइन पंजीकरण और हेली सेवा बुकिंग के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए एसटीएफ को विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। फर्जी वेबसाइट्स पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

SOP का सख्ती से पालन
धामों में मोबाइल फोन और कैमरों के उपयोग को लेकर जारी SOP का सख्ती से पालन कराया जाएगा। साथ ही यूट्यूबर और ब्लॉगर की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी। निजी ड्रोन के उपयोग पर भी प्रतिबंध रहेगा।

डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि चारधाम यात्रा प्रदेश का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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