देहरादून। आर्थिक संकट से जूझ रहे उत्तराखंड परिवहन निगम को प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के कार्यक्रमों में लगाई गई 554 बसों का ₹2.82 करोड़ से अधिक का भुगतान अब तक नहीं मिला है। भुगतान लंबित होने से निगम के कर्मचारियों के वेतन, सेवानिवृत्ति देयकों और दैनिक संचालन पर असर पड़ रहा है।
उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने जिलाधिकारी देहरादून को पत्र भेजकर बताया कि 7 मार्च 2026 को आयोजित ‘जन-जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के लिए 299 बसें उपलब्ध कराई गई थीं, जिनका ₹1.44 करोड़ भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। वहीं 14 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री के उत्तराखंड दौरे के लिए 255 बसें लगाई गई थीं, जिनका ₹1.38 करोड़ बकाया है। इस प्रकार कुल लंबित राशि ₹2.82 करोड़ 20 हजार 891 रुपये है।
परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष मुकेश नैथानी ने बताया कि संबंधित विभागों को बिल पहले ही भेजे जा चुके हैं और मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय से भुगतान के निर्देश भी जारी हुए थे, लेकिन अब तक राशि जारी नहीं की गई। उनका कहना है कि नियमित भुगतान न मिलने से कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है, जबकि सेवानिवृत्त कर्मियों के देयक भी लंबे समय से लंबित हैं।
कर्मचारी संगठन का कहना है कि डीजल, स्पेयर पार्ट्स और अन्य परिचालन खर्चों के भुगतान में भी दिक्कत आ रही है, जिससे परिवहन सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
उधर, देहरादून कलेक्ट्रेट के प्रोटोकॉल अनुभाग ने भी शासन को लंबित भुगतान के संबंध में पत्र भेजा था। हालांकि प्रोटोकॉल विभाग ने उत्तराखंड राज्य अतिथि नियमावली, संशोधित-2024 का हवाला देते हुए ऐसे भुगतान का प्रावधान न होने की बात कही और प्रस्ताव वापस कर दिया।
परिवहन निगम कर्मचारी संयुक्त परिषद ने जिलाधिकारी से मांग की है कि लंबित राशि का शीघ्र भुगतान कराया जाए, ताकि कर्मचारियों के वेतन, सेवानिवृत्ति लाभ और निगम के सुचारु संचालन में आ रही कठिनाइयों का समाधान हो सके।











