देहरादून। कर्णप्रयाग में हुई हिंसक झड़प के बाद पैदा हुए माहौल को लेकर उत्तराखंड के सिख समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने घटना को दो समुदायों के बीच विवाद के रूप में पेश किए जाने पर चिंता जताते हुए सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार पर रोक लगाने की मांग की।
गुरुद्वारा अंसारी मार्ग के गुरजिंदर सिंह के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से कहा कि कर्णप्रयाग की घटना को हिंदू-सिख या पहाड़ बनाम सिख विवाद के रूप में प्रस्तुत करना गलत है। उन्होंने कहा कि यह दो पक्षों के बीच हुआ विवाद था, जिसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश समाज में अनावश्यक तनाव पैदा कर सकती है।
सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार रोकने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर सिख समाज के खिलाफ भ्रामक और नफरत फैलाने वाली टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने सरकार से ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और अफवाहों पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की।
“उत्तराखंड हमारा भी घर”
गुरजिंदर सिंह ने कहा कि उत्तराखंड का सिख समाज प्रदेश का अभिन्न हिस्सा है और राज्य के विकास में उसका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा सहित हर कठिन समय में सिख समुदाय ने सेवा और सहयोग की भावना से कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि अधिकांश सिख परिवार उत्तराखंड में ही जन्मे और पले-बढ़े हैं तथा इस प्रदेश को अपना घर मानते हैं। इसलिए किसी भी घटना के आधार पर पूरे समाज को निशाना बनाना उचित नहीं है।
कानून का सहारा लेने की अपील
प्रतिनिधिमंडल ने चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से किसी भी विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लेने और कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर सरकार और पुलिस प्रशासन ने पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की है।
मुख्यमंत्री ने शांति बनाए रखने की अपील की
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रदेश में आते हैं और ऐसे में कुछ असामाजिक तत्व भी माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर सकते हैं। सरकार की प्राथमिकता यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखना है।
उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत की जा रही है और पुलिस व सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करने तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।











