April 4, 2026 2:57 am

व्यवसायिक एलपीजी सिलेंडर वितरण के लिए सचिव आनंद स्वरूप ने जारी की संशोधित एसओपी

देहरादून। उत्तराखंड में व्यवसायिक एलपीजी सिलेंडरों की बढ़ती मांग को देखते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने नई संशोधित एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) लागू कर दी है। सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य को अब व्यवसायिक एलपीजी के लिए कुल 66 प्रतिशत कोटा उपलब्ध हो गया है, जिसके आधार पर नई वितरण व्यवस्था लागू की गई है।

उन्होंने बताया कि राज्य में पीएनजी को बढ़ावा देने के प्रयासों के कारण उत्तराखंड को अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा प्राप्त हुआ है, जबकि 20 प्रतिशत कोटा पहले ही केंद्र सरकार द्वारा दिया जा चुका था। पहले निर्धारित 40 प्रतिशत कोटे के स्थान पर अब 66 प्रतिशत कोटे के अनुसार नई व्यवस्था लागू की गई है।

सचिव ने कहा कि नई एसओपी का उद्देश्य विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलित और पारदर्शी तरीके से सिलेंडरों का वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि चारधाम यात्रा, पर्यटन, उद्योग और आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का असर न पड़े। यह व्यवस्था अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।

उन्होंने बताया कि राज्य में कार्यरत तेल और गैस विपणन कंपनियां अपनी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति करेंगी। साथ ही जिलाधिकारियों को आपूर्ति की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

होटल, ढाबों और अन्य क्षेत्रों के लिए तय हुआ कोटा

संशोधित एसओपी के अनुसार विभिन्न उपभोक्ता वर्गों की दैनिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सिलेंडरों का वितरण तय किया गया है। पर्यटन से जुड़े होटल और रिजॉर्ट के लिए प्रतिदिन 1500 सिलेंडर (24 प्रतिशत) तथा रेस्टोरेंट और ढाबों के लिए 2000 सिलेंडर (32 प्रतिशत) निर्धारित किए गए हैं।

सरकारी और सरकारी नियंत्रण वाले गेस्ट हाउसों के लिए 300 सिलेंडर (5 प्रतिशत) आवंटित किए गए हैं। वहीं डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, पेइंग गेस्ट सुविधा वाले छात्रावासों, होम-स्टे और स्वयं सहायता समूहों के लिए 200-200 सिलेंडर (प्रत्येक 3 प्रतिशत) निर्धारित किए गए हैं।

इसके अलावा विवाह समारोहों के लिए 660 सिलेंडर (10 प्रतिशत) और फार्मास्यूटिकल, अस्पताल, ऑटोमोबाइल, कपड़ा, रसायन तथा अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 1250 सिलेंडर (20 प्रतिशत) तय किए गए हैं। इस व्यवस्था के तहत कुल 6310 व्यवसायिक सिलेंडरों का प्रतिदिन वितरण सुनिश्चित किया गया है।

देहरादून को मिला सबसे अधिक आवंटन

जिलों में एलपीजी वितरण का कोटा गैस कनेक्शनों की संख्या और स्थानीय मांग के आधार पर तय किया गया है। देहरादून को 31 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक आवंटन दिया गया है। हरिद्वार और नैनीताल को 13-13 प्रतिशत, उधमसिंह नगर को 9 प्रतिशत, चमोली को 6 प्रतिशत और रुद्रप्रयाग को 5 प्रतिशत कोटा मिला है।

इसके अलावा टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी और अल्मोड़ा को 4-4 प्रतिशत, पिथौरागढ़ को 3 प्रतिशत तथा बागेश्वर और चंपावत को 2-2 प्रतिशत आवंटन दिया गया है।

विवाह समारोह के लिए विशेष व्यवस्था

विवाह समारोहों के लिए विशेष प्रावधान करते हुए अधिकतम दो व्यवसायिक सिलेंडर लेने की अनुमति तय की गई है। इसके लिए संबंधित जिलाधिकारी या नामित अधिकारी को आवेदन देना होगा। दस्तावेजों की जांच के बाद अनुमति मिलने पर गैस वितरक अस्थायी कनेक्शन जारी कर सिलेंडर उपलब्ध कराएगा।

विवाह समारोह के लिए निर्धारित 660 सिलेंडरों में देहरादून और नैनीताल को 176-176 सिलेंडर आवंटित किए गए हैं। हरिद्वार और उधमसिंह नगर को 64-64 सिलेंडर दिए गए हैं, जबकि अन्य जिलों को उनकी जरूरत के अनुसार 18 से 24 सिलेंडर तक आवंटित किए गए हैं।

औद्योगिक क्षेत्रों के लिए निर्धारित 1250 सिलेंडरों में देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंह नगर को 380-380 सिलेंडर, नैनीताल और टिहरी को 20-20 तथा पौड़ी को 70 सिलेंडर आवंटित किए गए हैं।

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