January 22, 2026 10:41 pm

पीएम मोदी ने सुनी उद्यमियों, युवाओं और ग्रामीण महिलाओं की सफलता की कहानियां, दिया ये खास संदेश

देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून में स्टार्टअप से जुड़े युवाओं, महिला सहायता समूहों और ग्रामीणों की सफलता से जुड़ी कहानियों को सुना. साथ ही उनसे संवाद के दौरान अपने सुझाव भी दिए. पीएम मोदी ने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए नौकरी देने वाला बनने की बात कही.

देहरादून के वन अनुसंधान संस्थान (FRI) में आयोजित रजत जयंती वर्ष के कार्यक्रम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां आम लोगों को संबोधित किया तो वहीं इससे पहले उन्होंने यहां पर प्रदेश भर से पहुंचे उन ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं से भी बातचीत की, जो विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य कर रहे हैं. इसमें कुछ लोग क्षेत्रीय उत्पाद को बढ़ावा दे रहे हैं तो कुछ लोग कृषि और उद्यान के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहे हैं.

इनमें कई युवा ऐसे हैं, जो स्टार्टअप को बेहद मेहनत के साथ आगे बढ़ा रहे हैं. ऋषिकेश की रहने वाली मंजू शर्मा भी इनमें से एक है. जिन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात की. मंजू ने एक गाइड के रूप में साल 2001 में अपने काम की शुरुआत की. इसके बाद उन्होंने आगे बढ़ते हुए टूर लीडर के रूप में काम शुरू किया. फिलहाल, मंजू एक ट्रैवल एजेंसी भी संचालित कर रही हैं. खास बात ये है कि मंजू आज कई देशों से आने वाले विदेशी मेहमानों को उत्तराखंड की संस्कृति और पर्यटन से रूबरू कर रही है.

मैं उत्तराखंड में योग, इको टूरिज्म से विदेशी मेहमानों को जोड़ने का प्रयास करती हूं. फिलहाल, मैं जनजाति से जुड़े लोगों के बीच भी विदेशियों को ले जाकर उन्हें वहां के माहौल से जोड़ने का काम कर रही हूं. प्रधानमंत्री मोदी ने हमें उत्तराखंड में असीम संभावनाएं होने की बात कही और डेस्टिनेशन वेडिंग के साथ एडवेंचर एक्टिविटीज के क्षेत्र में और बेहतर काम किए जाने की भी बात कही.” – मंजू शर्माएंटरप्रेन्योर

इसी तरह कृषि और ध्यान के क्षेत्र में काम करते हुए महिला सहायता समूह के माध्यम से अपने उत्पादों को प्रदेश एवं विभिन्न राज्यों तक पहुंचाने वाली स्वतंत्री बदानी भी प्रधानमंत्री से मिलीं. उत्तरकाशी क्षेत्र में उनकी ओर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी पीएम मोदी को दीं. वहीं, पीएम मोदी ने स्वतंत्री समेत अन्य सभी साथियों को नौकरी करने के बजाय नौकरी देने वाला बनने का संदेश दिया.

मैं दूरस्थ उत्तरकाशी जिले से आती हूं. वहां पर सेब के अलावा लाल चावल के उत्पादन पर काम कर रही हूं. मैंने पीएम मोदी को अपने कामों की जानकारियों से रूबरू करवाया.“- स्वतंत्री बदानी, महिला सहायता समूह से जुड़ी महिला

इसी तरह अभिषेक भी एक ऐसे युवा है, जो गढ़वाल से ताल्लुक रखते हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान टूरिज्म को लेकर अपनी ओर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी है. अभिषेक होमस्टे और रिसॉर्ट चलते हैं और अब वो दूसरे कई जिलों में भी अपने काम को आगे बढ़ने पर विचार कर रहे हैं. पीएम मोदी से संवाद के अभिषेक ने अपने अनुभव साझा किए.

प्रधानमंत्री मोदी की एक बात मुझे आगे बढ़ाने और विंटर टूरिज्म की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित कर रही है. इसमें पीएम मोदी ने कहा था कि उत्तराखंड में 12 महीने का पर्यटन होना चाहिए और इसकी अपार संभावनाएं हैं. इसलिए अब मैं तीर्थाटन और 6 महीने के पर्यटन से हटकर शीतकालीन पर्यटन में क्या और बेहतर किया जा सकता है, इस दिशा में काम करने की कोशिश करूंगा.“- अभिषेक, एंटरप्रेन्योर

इसी तरह देहरादून में नूपुर अग्रवाल भी प्रधानमंत्री से मिलने के बाद कहती हैं कि ‘उत्तराखंड न केवल ब्रेन पावर है. बल्कि मसल पावर भी है.‘ एक तरफ यहां लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) से देशभर को IAS अफसर मिलते हैं तो दूसरी तरफ भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) देश की रक्षा में अपना सर्वोच्च योगदान दे रहा है, लेकिन अब देश की एक परसेंट जनसंख्या वाला उत्तराखंड स्टार्टअप स्टेट बनेगा, ऐसा उन्हें पूरा विश्वास है.

वहीं, प्रधानमंत्री ने उद्यमियों से मुलाकात करते हुए उत्तराखंड में मधुमक्खी पालन पर विशेष तौर पर जोर दिया और शहद के व्यवसाय में भी काम किए जाने की जरूरत बताई. प्रधानमंत्री ने कई तरह के शहद तैयार किए जाने का सुझाव दिया और मौन पालन के जरिए बाकि प्रोडक्ट भी तैयार करने की बात कही. इस क्षेत्र में काम कर रहे शुभम राणा ने भी अपने अनुभव साझा किए.

मधुमक्खी पालन को लेकर प्रधानमंत्री ने जो बात कही है, इस दिशा में मैं काम कर रहा हूं. इससे न केवल लिप बाम बल्कि, फुट क्रीम और कैंडल जैसी चीज भी बनाई जा रही है.“- शुभम राणा, एंटरप्रेन्योर

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