June 13, 2026 5:07 pm

चार महीने बाद पर्यटकों के लिए खुला FRI, एंट्री फीस में भारी बढ़ोतरी

देहरादून: देहरादून स्थित प्रसिद्ध वन अनुसंधान संस्थान (FRI) करीब चार महीने बाद सोमवार से एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। जनवरी के अंत में मरम्मत कार्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए संस्थान को अस्थायी रूप से बंद किया गया था। अब नई सुरक्षा व्यवस्था और सख्त नियमों के साथ पर्यटकों को प्रवेश दिया जाएगा।

एफआरआई प्रशासन ने 25 मई 2026 से लागू नई शुल्क दरों की घोषणा भी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत भारतीय पर्यटकों को संस्थान परिसर में प्रवेश के लिए 100 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क देना होगा, जबकि विदेशी नागरिकों के लिए यह शुल्क 1000 रुपये निर्धारित किया गया है। इससे पहले भारतीय पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क करीब 20 रुपये और विदेशी नागरिकों के लिए लगभग 150 रुपये था।

वाहनों के प्रवेश शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है। दोपहिया वाहन के लिए 50 रुपये, निजी कार और टैक्सी के लिए 150 रुपये, ऑटो रिक्शा के लिए 100 रुपये तथा बस और ट्रक के लिए 300 रुपये शुल्क तय किया गया है। बिना अनुमति परिसर में प्रवेश करने वालों पर 1000 रुपये प्रति व्यक्ति का जुर्माना लगाया जाएगा।

एफआरआई संग्रहालय के भ्रमण शुल्क में भी बड़ा बदलाव किया गया है। भारतीय वयस्क पर्यटकों को संग्रहालय देखने के लिए 150 रुपये और विदेशी नागरिकों को 1500 रुपये शुल्क देना होगा। वहीं स्कूल समूहों के बच्चों के लिए 30 रुपये प्रति बच्चा और कॉलेज छात्रों के लिए 50 रुपये प्रति छात्र शुल्क निर्धारित किया गया है।

देश के प्रमुख वानिकी अनुसंधान संस्थानों में शामिल एफआरआई की स्थापना वर्ष 1878 में फॉरेस्ट स्कूल ऑफ देहरादून के रूप में हुई थी। बाद में इसे इम्पीरियल फॉरेस्ट स्कूल और फिर इम्पीरियल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के रूप में विकसित किया गया। स्वतंत्रता के बाद इसका नाम वन अनुसंधान संस्थान रखा गया और वर्ष 1991 में इसे डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला।

करीब 500 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला एफआरआई परिसर अपनी हरियाली, दुर्लभ वृक्ष प्रजातियों, संग्रहालयों और भव्य ब्रिटिशकालीन वास्तुकला के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। लाल ईंटों से बना इसका मुख्य भवन प्रसिद्ध वास्तुकार सी.जी. ब्लामफील्ड द्वारा डिजाइन किया गया था, जो आज भी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

और पढ़ें

मतदान सर्वेक्षण

0
Default choosing

Did you like our plugin?

Poola Jada

और पढ़ें