देहरादून: उत्तराखंड में लगातार बढ़ते तापमान और हीट वेव के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की ओर से सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। भारतीय मौसम विभाग द्वारा मार्च से मई के बीच सामान्य से अधिक तापमान की संभावना जताने के बाद सरकार ने हीट स्ट्रोक और गर्मी से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग ने जिला और उप-जिला अस्पतालों में विशेष हीटस्ट्रोक कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इन कक्षों में कूलिंग सिस्टम, आइस पैक, ठंडे IV फ्लूइड और पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। साथ ही “पहले ठंडा करें, फिर परिवहन करें” प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया गया है। अस्पतालों में ORS, इलेक्ट्रोलाइट्स और जरूरी दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने 1 मार्च 2026 से हीट-सम्बंधित बीमारियों की दैनिक रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी है। सभी जिला इकाइयों को IHIP प्लेटफॉर्म पर मामलों की रिपोर्ट अपलोड करनी होगी। संदिग्ध मौतों की जांच और ऑडिट भी किया जाएगा। विभाग ने साफ कहा है कि डेटा रिपोर्टिंग में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्या करें?
- दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें
- हल्के रंग और सूती कपड़े पहनें
- दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक धूप में निकलने से बचें
- ORS, नींबू पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें
- बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखें
- बाहर काम करने वालों को नियमित अंतराल पर आराम दें
क्या न करें?
- खाली पेट धूप में बाहर न निकलें
- अत्यधिक चाय, कॉफी और शराब का सेवन न करें
- बंद वाहनों में बच्चों या बुजुर्गों को अकेला न छोड़ें
- तेज धूप में भारी शारीरिक श्रम से बचें
- हीट स्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज न करें
स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे ने कहा कि राज्य सरकार हीट वेव की चुनौती को लेकर पूरी तरह गंभीर है। सभी जिलों को समय रहते तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और दोपहर के समय धूप में निकलने से बचें।
विभाग ने बड़े आयोजनों और खेल गतिविधियों के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोजकों को पर्याप्त पेयजल, ORS और मेडिकल टीम की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। वहीं अस्पतालों में बिजली के बढ़ते लोड को देखते हुए ICU समेत सभी संवेदनशील क्षेत्रों में फायर सेफ्टी और विद्युत ऑडिट के निर्देश भी जारी किए गए हैं।











