April 2, 2026 2:41 am

चारधाम यात्रा में 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं रहेंगी सक्रिय, स्वास्थ्य विभाग करेगा 1350 मेडिकल स्टाफ तैनात

देहरादून: उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं। 19 अप्रैल से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही यात्रा का शुभारंभ होगा। यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए करीब 1350 डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती का रोस्टर तैयार किया है। ये चिकित्सा टीमें विभिन्न पड़ावों, ट्रांजिट कैंपों और प्रमुख स्थलों पर 24 घंटे सेवाएं देंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तुरंत इलाज मिल सके।

यात्रा के प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर स्क्रीनिंग और मेडिकल चेकअप की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक एडवाइजरी भी प्रदर्शित की जाएगी, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित और सतर्क रह सकें।

चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले चिकित्सकों को जिला स्तर और मेडिकल कॉलेजों में विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं जैसे सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक थकान, रक्तचाप असंतुलन और हृदय संबंधी दिक्कतों से निपटने के तरीके बताए जा रहे हैं। साथ ही आपातकालीन स्थिति में त्वरित उपचार की प्रक्रिया का अभ्यास भी कराया जा रहा है।

स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने बताया कि चारधाम यात्रा के लिए विभाग की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। यात्रा मार्गों पर कुल 47 स्वास्थ्य इकाइयां, 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) और 33 हेल्थ केयर सेंटर सक्रिय रहेंगे। सभी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी तय कर दी गई है और उन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि केदारनाथ और यमुनोत्री धाम अधिक ऊंचाई पर स्थित होने के कारण वहां स्वास्थ्य जोखिम ज्यादा रहता है। इसलिए इन दोनों धामों में विशेष स्थानों पर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती की जा रही है।

इसके अलावा गंभीर मरीजों को तुरंत उपचार उपलब्ध कराने के लिए हेली एंबुलेंस सेवा शुरू करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इसके लिए ऋषिकेश स्थित एम्स से बातचीत चल रही है और जल्द ही इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इन तैयारियों के चलते इस साल चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

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