January 23, 2026 6:44 am

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पौड़ी मे फिर महिला को खींच ले गया गुलदार, एयर एंबुलेंस से किया गया हायर सेंटर रेफर

पौड़ी: उत्तराखंड में जंगली जानवरों के हमले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं. एक बार फिर पौड़ी ज़िले के चौबट्टाखाल विधानसभा के ग्राम देवराड़ी में गुलदार ने एक महिला पर जानलेवा हमला किया. बीते रोज पौड़ी में गुलदार ने एक महिला पर हमला किया. हमले के दौरान स्थानीय युवा अंकित कंडारी ने अपनी जान जोखिम में डालकर बहादुरी दिखाते हुए महिला को गुलदार के चंगुल से छुड़ाया. गंभीर रूप से घायल महिला को पहले ग्रामीणों की मदद से प्राथमिक उपचार दिया गया. महिला की हालत नाज़ुक होने पर जिलाधिकारी पौड़ी के निर्देश पर एयर एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है.जहां चिकित्सकों की टीम उसका इलाज कर रही है. वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे गुलदार के हमलों से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. आपको बता दें कि पौड़ी गढ़वाल वन प्रभाग की छह रेंजों में पिछले पांच सालों में गुलदार 27 लोगों को मार चुका है। और 105 से अधिक लोगों को घायल कर चुका है।

पांच सालों में गुलदार ने 27 लोगों को मारा

  • पौड़ी गढ़वाल वन प्रभाग की छह रेंजों में पिछले पांच वर्षों में गुलदार ने 27 लोगों को मारा.
  • 105 से अधिक लोगों को घायल किया है.
  • 2022 में सर्वाधिक सात मौत पौड़ी में हुई .
  • 2021 में सबसे अधिक 25 लोग घायल हुए.
  • सबसे कम घटना 2023 में हुई. जिसमें एक व्यक्ति ने जान गंवाई.

गढ़वाल वन प्रभाग की पौड़ी रेंज नागदेव, पोखड़ा, पश्चिमी अमेली रेंज दमदेवल, पूर्वी अमेली थलीसैंण, दीवा रेंज धुमाकोट व पैठाणी रेंज में इस साल गुलदार के हमले से पांच की मौत और 25 लोग घायल हुए. विभाग के मुताबिक गुलदार के हमले में इस साल पहली मौत पूर्वी अमेली रेंज में दो जून को हुई. इसके अलावा 12 सितंबर व 13 नवंबर को पोखड़ा रेंज में दो और 20 नवंबर व चार दिसंबर को पौड़ी रेंज में गुलदार ने दो को मार डाला. वहीं वर्ष 2020 में चार की मौत व 12 घायल हुए. 2021 में छह मौत व 25 घायल हुए. 2022 में सात की मौत व 21 घायल, 2023- 24 में पांच की मौत और 22 घायल हुए.

चंपावत जिले के बाराकोट क्षेत्र में मंगलवार तड़के तेंदुए के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई. 45 वर्षीय देव सिंह अधिकारी घर के बाहर नित्यकर्म के लिए गए थे. तब तेंदुए ने उनपर हमला बोल दिया. जिसमें उनकी मौत हो गई.घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए.एक माह के भीतर बाराकोट क्षेत्र में तेंदुए के हमले में यह दूसरी मौत है.आक्रोशित ग्रामीणों ने घटना पर जबरदस्त रोष व्यक्त करते हुए वन विभाग से तेंदुए को नरभक्षी घोषित कर उसे मारने की मांग की है.

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