January 23, 2026 12:14 am

उत्तराखंड में SIR होने से पहले तैयारियों में जुटा निर्वाचन आयोग, इन मतदाताओं की बढ़ सकती है परेशानी

देहरादून: भारत निर्वाचन आयोग की ओर से देश भर के तमाम राज्यों में दूसरे चरण के तहत एसआईआर की प्रक्रिया जारी है. अगले कुछ महीने में उत्तराखंड राज्य में भी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. उत्तराखंड में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही उत्तराखंड मुख्य निर्वाचन कार्यालय ने अपनी प्रक्रियाएं शुरू कर दी है. जिसके तहत मुख्य निर्वाचन कार्यालय ने 2003 और 2025 के मतदाताओं का मिलान करना शुरू कर दिया है. इस मिलान के दौरान तमाम महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान दिया जा रहा है.

दरअसल, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से हर साल मतदाताओं की अनंतिम सूची और अंतिम सूची जारी की जाती है. जिसका मुख्य उद्देश्य है कि एक साल के दौरान नए मतदाता जोड़ने, मृत मतदाताओं के नाम को हटाना, मतदाताओं के जानकारी में त्रुटियां को दुरुस्त करने के साथ ही मतदाताओं की सूची को अपडेट किया जा सके. इस प्रक्रिया में 18 साल की उम्र पूरी कर चुके युवा भी अपने मताधिकार का प्रयोग कर पाते हैं. मुख्य निर्वाचन कार्यालय की ओर से मतदाता सूची में नाम जोड़ने और नाम हटाने के लिए समय-समय पर अभियान भी चलाया जाता है. ताकि चुनाव के दौरान अधिक के अधिक वैध मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके.

इन मतदाताओं की जांच

इसी क्रम में उत्तराखंड में प्रस्तावित मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तिथियां अभी तय नहीं की गई है. बावजूद इसके उत्तराखंड मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने एसआईआर से संबंधित तैयारियां शुरू कर दी है. इसके लिए आयोग में साल 2003 की मतदाता सूची जारी करने के साथ ही वर्तमान मतदाता सूची यानी 2025 की मतदाता सूची से तुलना करना शुरू कर दिया है. जिसमें मुख्य रूप से साल 2003 और 2025 की मतदाता सूची में जिन मतदाताओं के नाम और स्थान समान हैं, ऐसे मतदाताओं के नामों को चिह्नित कर अलग किया जा रहा है. इसके साथ ही कितने मतदाताओं ने अपने जिले बदले हैं? ये भी देखा जा रहा है. ताकि मतदाता सूची में दोहराव को पकड़ा जा सके. साथ ही मतदाताओं की सही जानकारी उपलब्ध हो सके.

इन मतदाताओं के दस्तावेज होंगे जरूरी

उत्तराखंड मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से की जा रही इस पहल का लाभ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान होगा. क्योंकि एसआईआर के दौरान मतदाताओं का सत्यापन करने वाले कर्मचारियों को सभी मतदाताओं से डॉक्यूमेंट्स लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी. क्योंकि जिन मतदाताओं का नाम साल 2003 और 2025 के मतदाता सूची में होगा, उनके डॉक्यूमेंट्स लेने की जरूरत नहीं होगी. बल्कि बाद में जुड़े मतदाताओं और जिला बदले या फिर एड्रेस में जिन मतदाताओं ने बदलाव किया है, उनसे ही दस्तावेज लेना होगा.

इन 12 राज्यों में एसआईआर

बिहार में मतदाताओं की संख्या को लेकर हुए विवाद के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार के मतदाता सूची का एसआईआर की प्रक्रिया शुरू की थी. इसके बाद, दूसरे चरण में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के साथ अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में चल रही है. सभी 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की प्रक्रिया जनवरी अंत तक चलेगी और 7 फरवरी 2026 को इन सभी 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी.

तीसरे चरण में उत्तराखंड में हो सकती है SIR

दूसरे चरण के तहत विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीसरे चरण में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत अन्य राज्यों में मतदाता सूची की एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है. एसआईआर के दौरान सभी मतदाताओं को फॉर्म भरना होगा. हालांकि, सिर्फ उन्हीं मतदाताओं को दस्तावेज देना होगा, जिनका नाम मतदाता सूची में साल 2003 के बाद जोड़ा गया है. इसके अलावा, जिन मतदाताओं के माता- पिता का नाम, साल 2003 की मतदाता सूची में है, उनको भी कोई दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी.

विवाहित महिलाओं के लिए नियम

उत्तराखंड मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, अगर किसी मतदाता ने अपना पता या विधानसभा क्षेत्र बदला है तो वो इसकी जानकारी एसआईआर से पहले ही दे दे, ताकि एसआईआर के दौरान मतदाताओं को किसी भी दिक्कत का सामना न करना पड़े. इसके साथ ही साल 2003 के बाद अन्य राज्यों से शादी कर उत्तराखंड में आई महिलाओं को मतदाता सूची में अपना नाम बरकरार रखने के लिए अपने मायके से कागजात लाने होंगे. इन कागजातों में महिला जिस राज्य से उत्तराखंड में आई है, उस राज्य की साल 2003 के मतदाता सूची में उनके नाम होने संबंधित दस्तावेज को एसआईआर के दौरान देना होगा. अगर साल 2003 की मतदाता सूची में नाम नहीं है तो फिर उसे महिला को अपने माता-पिता के नाम की सूची जमा करनी होगी.

इन मतदाताओं की बढ़ सकती है परेशानी

उत्तराखंड मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, उत्तराखंड राज्य में एसआईआर शुरू होने के साथ ही मतदाता सूची फ्रीज कर दी जाएगी. ऐसे में उत्तराखंड की मतदाता सूची में नाम, पता और विधानसभा क्षेत्र में बदलाव नहीं कर पाएंगे. ऐसे में अगर वर्तमान समय में किसी भी मतदाता को अपने वोटर आईडी कार्ड में किसी भी तरह का कोई संशोधन करना है तो वो राज्य में एसआईआर शुरू होने से पहले वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाकर करा सकते हैं. इसके अलावा अगर किसी व्यक्ति का वोट दो जगह पर है तो वो एसआईआर शुरू होने से पहले ही बीएलओ से संपर्क कर उसे हटवा लें नहीं तो, एसआईआर शुरू होने के बाद ऐसे दोहरे मतदाताओं को नोटिस जारी किया जाएगा. इसके बाद उन्हें एसडीएम के पास जाकर अपना जवाब देना होगा.

मीडिया एजेंसियों से फोन पर बातचीत करते हुए उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने कहा कि,

वर्तमान समय में साल 2003 और 2025 की मतदाता सूची का तुलनात्मक अध्ययन किया जा रहा है. ऐसे में जब उत्तराखंड राज्य में एसआईआर शुरू होगा, उस दौरान एसआईआर करने वाले कर्मचारियों को काफी अधिक सहूलियत होगी. क्योंकि जिन मतदाताओं के नाम 2003 और 2025 की मतदाता सूची में है, ऐसे मतदाताओं से डॉक्यूमेंट लेने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे समय भी बचेगा साथ ही मतदाता सूची को बेहतर ढंग से दुरुस्त करने में मदद मिलेगी. 

बीवीआरसी पुरुषोत्तम, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड

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