देहरादून। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में बुलाए गए विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र को लेकर कांग्रेस ने धामी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता Alok Sharma ने विशेष सत्र को औचित्यहीन बताते हुए इसे नौटंकी और जनता के पैसों की बर्बादी करार दिया।
आलोक शर्मा ने आरोप लगाया कि यह विशेष सत्र महिलाओं के अधिकारों के लिए नहीं, बल्कि केंद्र नेतृत्व को खुश करने के लिए बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि एक दिन के इस विशेष सत्र और चुनावी भाषणों पर 10 से 12 करोड़ रुपये खर्च होने की बात सामने आ रही है, ऐसे में इसके औचित्य और खर्च पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जब तक 73वें और 74वें संविधान संशोधन जैसे मुद्दों पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक महिला आरक्षण जैसे विषयों पर व्यावहारिक अड़चनें बनी रहेंगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा महिलाओं को अधिक भागीदारी देने की पक्षधर रही है और यदि सरकार गंभीर पहल करती है तो कांग्रेस उसका समर्थन करेगी।
धामी सरकार को घेरते हुए आलोक शर्मा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण पर सरकार को नैतिक अधिकार तब मिलेगा, जब वह Ankita Bhandari को संपूर्ण न्याय दिलाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के वास्तविक मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस ने विशेष सत्र को राजनीतिक मंच बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण के नाम पर राजनीतिक संदेश देने में जुटी है, जबकि जमीनी मुद्दों पर ठोस काम नहीं दिख रहा। इस बयान के बाद महिला आरक्षण और विशेष सत्र को लेकर सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है।











