February 4, 2026 6:56 am

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2023: एमओयू और ग्राउंडिंग को लेकर सीएम ने की हाई-लेवल मीटिंग, दिए ये निर्देश

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में दो दिवसीय उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन 8 और 9 दिसंबर 2023 को किया गया था. जिस दौरान 3.57 लाख करोड़ रुपए के एमओयू साइन किये गये थे. ऐसे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के तहत हुए एमओयू और उनकी ग्राउंडिंग (क्रियान्वयन) की प्रगति को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई. बैठक में तमाम विभागों की ओर से किए गए एमओयू की वर्तमान स्थिति, जमीनी प्रगति, अवरोधों और आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई.

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के तहत करीब 3 लाख 57 हजार 693 करोड़ रुपए के 1,779 एमओयू किए गए थे, जिनमें से अब तक 1 लाख 6 हजार 953 करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउंडिंग हो चुकी है. सीएम ने इसे उत्तराखंड के औद्योगिक एवं आर्थिक भविष्य के लिए काफी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि ये राज्य में निवेशकों के विश्वास, बेहतर कानून-व्यवस्था, सुशासन और उद्योग अनुकूल वातावरण का प्रत्यक्ष प्रमाण है. उन्होंने कहा कि इस सकारात्मक परिणाम को और आगे बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं, जिनका लाभ राज्यहित में लिया जाना चाहिए.

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि एमओयू और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर आ रहे अवरोधों का तत्काल निस्तारण किया जाए. प्रत्येक संबंधित विभाग में एक-एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए, जो एमओयू ग्राउंडिंग की सतत मॉनिटरिंग करे. अगर किसी नीति में संशोधन, सरलीकरण और शिथिलीकरण की आवश्यकता हो तो उसका प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र पैरवी की जाए. उद्योगपतियों के साथ नियमित संवाद और संपर्क बढ़ाया जाए और उन्हें राज्य में कानून-व्यवस्था, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, डिजिटलीकरण, सरलीकृत प्रक्रियाएं और उद्योग फ्रेंडली इकोसिस्टम से संबंधित सुधारों की जानकारी दी जाए.

सीएम ने निर्देश दिए कि परियोजनाओं के इम्प्लीमेंटेशन में अनावश्यक देरी बिल्कुल न हो, कार्यों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए, स्पष्ट टाइमलाइन के अनुसार कार्य पूर्ण हों और किसी भी प्रकार की पेंडेंसी न रखी जाए. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ विभागों द्वारा उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है, जिसकी उन्होंने प्रशंसा भी की. सीएम ने पर्यटन विभाग को निर्देशित किया कि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में जिन क्षेत्रों में होटल निर्माण की व्यापक संभावनाएं हैं, जैसे पिथौरागढ़, कैंची धाम समेत अन्य प्रमुख पर्यटन स्थल, वहां निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए.

हालांकि, बैठक के दौरान पर्यटन विभाग ने बताया कि विभाग स्पेशल टूरिस्ट जोन के लिए तमाम क्षेत्रों में एरिया आधारित फोकस पॉलिसी तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है.

उद्योगों को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग को निर्देश दिए कि राज्य के सभी जिलों में हर महीने उद्योग मित्र समिति की बैठक आयोजित की जाए, जिसमें उद्योगों से जुड़े मुद्दों का समाधान और उद्योग-अनुकूल निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए. सीएम ने कहा कि उत्तराखंड भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और प्राचीन गौरवशाली विरासत का केंद्र बिंदु है. इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन पर आधारित यूनिवर्सिटी की स्थापना हेतु आवश्यक होमवर्क करने, हिंदू स्टडीज सेंटर एवं प्राच्य शोध केंद्र से संबंधित पूर्व निर्देशों पर अग्रिम कार्रवाई करने, स्पिरिचुअल जोन डेवलपमेंट, भराड़ीसैंण में मंदिर और अन्य रचनात्मक निर्माण कार्य और आयुर्वेद एम्स की स्थापना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए.

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