June 10, 2026 12:32 am

CM धामी ने दी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं, 38 वरिष्ठ महिलाओं को किया सम्मानित, कहा- पहाड़ की असली ताकत है मातृशक्ति

देहरादून: मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने रविवार को मुख्य सेवक सदन, देहरादून में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित “नारी तू नारायणी” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा, समाज सेवा, उद्यमिता, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, संस्कृति और जल संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली राज्यभर की 38 वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने सभी को International Women’s Day की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज उन महिलाओं का सम्मान हो रहा है, जिनके त्याग, संघर्ष, स्नेह और संस्कारों ने परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्नेह, त्याग और आशीर्वाद से पीढ़ियां आगे बढ़ती हैं और समाज निरंतर प्रगति करता है।

मातृशक्ति को बताया समाज की ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं मां के रूप में अपने जीवन के अनेक सुखों का त्याग कर बच्चों को आगे बढ़ाती हैं। वरिष्ठ महिलाएं परिवारों के साथ संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों की रक्षक भी होती हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति का योगदान अत्यंत प्रेरणादायी है। प्रदेश की महिलाएं परिवार संभालने के साथ खेत-खलिहानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और कठिन परिस्थितियों में भी मजबूती से आगे बढ़ती हैं।

वरिष्ठ महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों और वृद्ध माताओं की सेवा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार महिलाओं, विशेषकर वरिष्ठ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चला रही है।

उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन और विधवा पेंशन जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। साथ ही बुजुर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने और विभिन्न जिलों में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क धार्मिक यात्राओं की सुविधा भी दे रही है, ताकि हर वृद्ध माता को सम्मान, सुरक्षा और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिल सके।

महिलाओं का योगदान समाज के लिए प्रेरणा

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री Rekha Arya ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाएं समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत होती हैं। उन्होंने कहा कि सक्रिय जीवन ही सशक्त जीवन है और महिला सशक्तिकरण की शुरुआत घर से होकर समाज और देश तक पहुंचती है।

कार्यक्रम की थीम और चयन प्रक्रिया

कार्यक्रम में सचिव Chandresh Kumar Yadav ने बताया कि इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “गिव टू गेन” रखी गई है। इस थीम के अनुरूप 60 वर्ष से अधिक आयु की उन वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया गया, जो आज भी समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय और आत्मनिर्भर होकर योगदान दे रही हैं।

उन्होंने बताया कि सम्मान के लिए प्रत्येक जनपद से निम्न, मध्यम और उच्च आय वर्ग से एक-एक महिला का चयन पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है, ताकि समाज के विभिन्न वर्गों की प्रेरणादायी महिलाओं को सम्मानित किया जा सके।

इस अवसर पर विभिन्न जनपदों की कई वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष Geeta Ram Gaud सहित अनेक अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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