देहरादून। उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल में शॉटक्रीट का हिस्सा गिरने से हुए हादसे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को मृतक श्रमिक के परिजनों को तत्काल नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने और पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक गृह जनपद भेजने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने एनएचआईडीसीएल और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ घटना की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में राहत एवं बचाव कार्य, टनल के भीतर लागू सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली गई।
सचिव विनोद कुमार सुमन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हादसे के कारणों की गहन जांच कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों का पुनर्मूल्यांकन किया जाए। उन्होंने टनल निर्माण एवं संचालन से संबंधित वर्तमान मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की समीक्षा करते हुए आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि संशोधित एसओपी व्यावहारिक, प्रभावी और सभी संबंधित एजेंसियों के लिए स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इसके लिए जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, अग्निशमन सेवा, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया।
सचिव ने टनल के भीतर संभावित जोखिम वाले सभी हिस्सों का विशेष निरीक्षण कराने तथा जहां संरचनात्मक खतरा हो, वहां तत्काल सुरक्षात्मक और निवारक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों और अन्य कार्मिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित की जाए।
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) प्रकाश चंद्र, जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्य, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) एवं डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा, एनएचआईडीसीएल तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।











