July 9, 2026 11:47 pm

CM धामी ने की बारिश की स्थिति की समीक्षा, सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश

देहरादून। प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग की भारी वर्षा की चेतावनी के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में उत्पन्न स्थिति की समीक्षा कर अधिकारियों को जन-जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने गुरुवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) से प्रदेशभर की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान सचिव ने बताया कि 10 जुलाई के लिए नैनीताल, ऊधमसिंहनगर और चम्पावत जिलों में रेड अलर्ट, जबकि देहरादून, पौड़ी गढ़वाल और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके मद्देनजर सभी जिलाधिकारियों, पुलिस, एसडीआरएफ, लोक निर्माण विभाग, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य तथा अन्य संबंधित विभागों को पूर्ण सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

चारधाम यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि जहां मौसम अत्यधिक खराब हो या यात्रा करना जोखिमपूर्ण हो, वहां श्रद्धालुओं को सुरक्षित होल्डिंग प्वाइंट पर रोका जाए। इन स्थानों पर भोजन, पेयजल, दवाइयों, बच्चों के लिए दूध, शौचालय, आवास और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मौसम सामान्य होने और मार्ग सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रियों को आगे भेजा जाए।

सचिव आपदा प्रबंधन ने अधिकारियों को नदियों, बरसाती नालों, गाड़-गदेरों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। साथ ही निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए जरूरत पड़ने पर निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोकने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक में वर्षा से प्रभावित सड़कों, पेयजल और विद्युत आपूर्ति की भी समीक्षा की गई। सचिव ने निर्देश दिए कि भूस्खलन या बारिश से बंद हुई सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द खोला जाए। विशेष रूप से ग्रामीण सड़कों को युद्धस्तर पर खोलने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में आवश्यक सेवाएं और राहत सामग्री की आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी, पोकलेन मशीनों तथा अन्य आवश्यक उपकरणों और मानवबल की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

सचिव विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि लोग अनावश्यक यात्रा से बचें, विशेषकर पर्वतीय और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से परहेज करें। नदी-नालों, गाड़-गदेरों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें। उन्होंने लोगों से केवल शासन और प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करने की अपील की।

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