March 10, 2026 8:00 pm

भराड़ीसैंण में मुख्यमंत्री धामी का अग्निवीर कैडेट्स से संवाद, कहा– अग्निवीरों के भविष्य की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी

गैरसैंण/भराड़ीसैंण: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को भराड़ीसैंण में अग्निवीर सैनिकों के रूप में भर्ती होने वाले कैडेट्स से संवाद किया। इस दौरान कैडेट्स ने मुख्यमंत्री से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका उन्होंने सहजता से जवाब दिया।

संवाद के दौरान शंकर सिंह राणा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि सैनिक परिवार से होने के कारण क्या उनका मन सेना में जाने का नहीं हुआ। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना में जाना अन्य सेवाओं की तुलना में अत्यंत सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पिता के साथ रहते हुए सेना के अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को करीब से देखा है और उसी समर्पण की भावना से वे प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में जनता की सेवा कर रहे हैं।

हिमांशु रौतेला के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक जीवन में सक्रिय होने पर जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी लोग उनका परिवार हैं और राज्य के सभी गांव उनके अपने गांव हैं।

ओ.पी. कण्डारी ने अग्निवीरों की सेवा पूरी होने के बाद रोजगार को लेकर सवाल किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्दीधारी पदों में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की है। इसके अलावा केंद्र सरकार भी कई क्षेत्रों में अग्निवीरों को अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि अग्निवीरों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

रितेश पंवार ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उनकी पहचान “धाकड़ धामी” के रूप में क्यों बनी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि का व्यवहार हमेशा जनता के साथ सौम्य होना चाहिए, लेकिन राज्यहित और जनहित में कई बार कठोर और साहसिक निर्णय लेने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई, साथ ही सख्त नकल विरोधी कानून और दंगा रोधी कानून भी लागू किए गए हैं।

अमन सेमवाल के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके चेहरे की मुस्कान का राज प्रदेश की जनता का आशीर्वाद है। उन्होंने कहा कि सरकार जनभावनाओं के अनुरूप राज्य के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रही है और उत्तराखंड कई क्षेत्रों में देश में अग्रणी बन रहा है।

मुख्यमंत्री ने अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे सैनिक सीमांत और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियों में देश की सेवा करते हैं। देवभूमि उत्तराखंड की विशेषता है कि यहां लगभग हर परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना या अर्द्धसैन्य बलों में सेवा दे रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना तेजी से आत्मनिर्भर बन रही है और रक्षा क्षेत्र में भारत का निर्यात भी लगातार बढ़ रहा है। सेना के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हित में कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। देहरादून में भव्य सैन्यधाम का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें वीर बलिदानियों की गौरवगाथाओं और स्मृतियों को संजोया जाएगा।

इस अवसर पर यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल अजय कोठियाल (सेवानिवृत्त), पूर्व सैनिक और अग्निवीर कैडेट्स भी मौजूद रहे।

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