नई दिल्ली। कथित शराब नीति मामले में अदालत से राहत मिलने के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने न्यायालय के निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए न्यायपालिका और अपने अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया।
केजरीवाल ने कहा कि पिछले चार वर्षों से प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के माध्यम से उन पर झूठे आरोप लगाए गए। उन्होंने दावा किया कि अदालत ने विस्तृत आदेश में कहा है कि उपलब्ध साक्ष्य मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। उनके अनुसार, यदि मुकदमा चलता तो यह वर्षों तक लंबित रहता।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर लगाए आरोप
आप संयोजक ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर राजनीतिक षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को कमजोर करने के उद्देश्य से यह पूरा मामला खड़ा किया गया।
उन्होंने स्वयं को और अपने सहयोगियों को ईमानदार बताते हुए कहा कि अदालत के आदेश के बाद सच्चाई सामने आ गई है। उन्होंने कहा कि जेल जाने और परिवार पर लगे आरोपों का व्यक्तिगत रूप से उन्हें गहरा आघात पहुंचा, लेकिन अब उन्हें संतोष है कि न्याय मिला।
विकास कार्यों की तुलना करते हुए चुनौती
केजरीवाल ने कहा कि यदि केंद्र सरकार बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं पर काम करे तो जनता स्वयं निर्णय कर लेगी। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में उनके कार्यकाल में विद्यालयों, मोहल्ला क्लिनिकों और सड़कों में सुधार हुआ।
उन्होंने प्रधानमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि यदि हिम्मत है तो दिल्ली में दोबारा चुनाव कराए जाएं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में वर्तमान व्यवस्था के कारण सड़कों, अस्पतालों और अन्य सेवाओं की स्थिति खराब हुई है।
राष्ट्रीय मुद्दों पर भी उठाए सवाल
अपने संबोधन में केजरीवाल ने अंतरराष्ट्रीय विषयों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के नेतृत्व को वैश्विक मंच पर मजबूती से अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से सकारात्मक राजनीति करने और जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की।
आप नेता ने कहा कि यह केवल एक कानूनी लड़ाई नहीं थी, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का प्रश्न था। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी आगे भी जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी।











