March 4, 2026 11:20 am

अंकिता हत्याकांड: ‘सरकार की आंखें-कान बंद हैं और मुंह खुला है’, सुबोध उनियाल को गोदियाल का जवाब

देहरादून: उर्मिला सनावर के वीडियो के बाद सुर्खियों में आए अंकिता भंडारी हत्याकांड पर आज शुक्रवार दो जनवरी को सरकार का भी बयान आया है. कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल में इस मामले में प्रेस वार्ता कर सरकार का पक्ष रखा. वहीं मंत्री सुबोध उनियाल के बयान पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की भी प्रतिक्रिया आई है. गणेश गोदियाल ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए बड़ी बात कही.

दरअसल, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड पर देहरादून में प्रेस कॉन्फेंस कर कहा कि इस मामले में कोई वैलिड सबूत लेकर सामने तो आए, सरकार किसी भी तरह की जांच से मना नहीं कर रही है. ‘जिन लोगों की ओर से इस मामले को दोबारा उठाया गया है, उनसे सरकार और पुलिस लगातार अपील कर रही है कि वो वैलिड सबूत को लेकर पुलिस के पास आएं. पुलिस उसकी जांच कराएगी.’

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के इस बयान पर गणेश गोदियाल की प्रतिक्रिया आई. उन्होंने कहा कि आज सरकार ने अंकिता भंडारी हत्याकांड पर सामने आकर प्रेस वार्ता की है. इस पत्रकार वार्ता में सरकार ने दहाड़ते हुए लोगों को यह चुनौती दी है कि जिसके पास भी इस संबंध में साक्ष्य हैं, तो उन्हें जांच एजेंसियों के समक्ष रखें.

गोदियाल ने कहा कि दरअसल, सरकार ने आंखों पर पट्टी बांधी है और कानों में रुई भर गई है. सरकार अपनी आंखें और कान बंद कर चुकी है, लेकिन उसका मुंह खुला हुआ है.

अंकिता भंडारी प्रकरण में क्या यह बात किसी से छुपी हुई है कि साक्ष्य नष्ट करने के लिए सीधे तौर पर उनके विधायक और मुख्यमंत्री पूरी तरह से जिम्मेदार हैं. अगर जांच एजेंसी इनसे पूछताछ करती है तो सबूत भी यही से आएंगे. उस एसआइटी से भी साक्ष्य सामने आएंगे, जिस एसआइटी ने अंकिता हत्याकांड की जांच की है. रिजॉर्ट मे साक्ष्य मिटाने के लिए कौन अधिकारी और विधायक जिम्मेदार रहे, क्या सरकार को यह मालुम नहीं है. इसलिए सरकार को फिजूल के स्पष्टीकरण को बंद करके, इस प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की देखरेख में सीबीआई से करानी चाहिए.
गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड काग्रेस

गणेश गोदियाल ने बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ज्यादा तेज बोलने से यह साबित नहीं होता कि सच ही बोला जा रहा है. सत्यता यह है कि सरकार को यह बिल्कुल पता है कि कथित वीआइपी कौन है और सबूत नष्ट होने के बाद सरकार जानबूझकर पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत करने की चुनौती दे रही है.

पूरा मामला जानिए: उत्तराखंड के पौड़ी जिले की रहने वाली 19 साल की यमकेश्वर इलाके में स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं. 18 सितंबर 2022 को अंकिता भंडारी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी, जिसका लाश कई दिन बाद चीला नहर में मिली थी. अंकिता भंडारी की हत्या की गई थी.

हत्या का आरोप वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और अन्य दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर व अंकित गुप्ता पर लगा था. पुलकित आर्य पर आरोप था कि वो अंकिता पर रिजॉर्ट में ‘विशेष सेवाएं’ देने का दवाब बना रहा था, जिससे अंकिता ने इंकार कर दिया था. इस वजह से अंकिता और पुलकित आर्य के बीच झगड़ा हुआ था और पुलकित आर्य अपने दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर व अंकित के साथ मिलकर अंकिता को गंगा में धक्का दे दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी.

कोर्ट ने तीनों को दोषी मानते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई थी. फिलहाल तीनों जेल में बंद है. हालांकि निचली अदालत के फैसले के खिलाफ पुलकित आर्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. ये मामला अब चर्चाओं में इसीलिए क्योंकि खुद को बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी कहने वाली उर्मिला सनावर ने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उर्मिला सनावर ने एक वीआईपी के नाम का खुलासा किया था और उस वीआईपी को वहीं व्यक्ति बताया जा रहा है, जिसे स्पेशल सर्विस देने के लिए अंकिता पर पुलकित ने दबाव बनाया था.

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