November 4, 2026 12:56 am

छठ पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग, बिहारी महासभा ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

देहरादून । उत्तराखंड में छठ पूजा पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग उठी है। बिहारी महासभा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आग्रह किया है कि प्रदेश में छठ पर्व के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए, ताकि बिहार और पूर्वांचल के लोग पूरे विधि-विधान से पर्व मना सकें।

महासभा के अध्यक्ष ललन सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री कार्यालय को ज्ञापन भेजकर यह मांग रखी। ज्ञापन में कहा गया है कि छठ केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि उत्तर भारत की सांस्कृतिक पहचान है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और हरियाणा सहित कई राज्यों में इस अवसर पर सार्वजनिक अवकाश दिया जाता है।

ललन सिंह ने कहा कि देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, रुद्रपुर और काशीपुर समेत प्रदेशभर में बिहार और पूर्वांचल के करीब 15 लाख लोग निवास करते हैं। छठ के दौरान श्रद्धालुओं को पूजा-पाठ के लिए समय की आवश्यकता होती है। सरकारी और निजी संस्थानों में कार्यरत लोगों को अवकाश नहीं मिलने से पर्व की तैयारियों और पूजा में परेशानी होती है।

महासभा ने ज्ञापन में कहा कि छठ प्रकृति, सूर्य और लोक आस्था से जुड़ा पर्व है। उत्तराखंड में सभी संस्कृतियों का सम्मान किया जाता है। ऐसे में छठ पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करना प्रवासी समाज के सम्मान का प्रतीक होगा।

महासभा पदाधिकारियों ने बताया कि देहरादून में प्रेमनगर, टपकेश्वर, चंद्रबनी, मालदेवता सहित विभिन्न घाटों पर हर साल हजारों श्रद्धालु छठ पर्व मनाते हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक अवकाश होने से श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और प्रशासन को भी पर्व के आयोजन की व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से करने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर महासभा के संरक्षक सतेंद्र सिंह, महासचिव चंदन कुमार झा, कोषाध्यक्ष रितेश कुमार सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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