November 3, 2026 11:40 pm

दीपावली पर धामी सरकार ने दी राज्य कर्मचारियों को बोनस की सौगात, अधिकतम 6,908 रुपये मिलेंगे

देहरादून। दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के कार्मिकों को तदर्थ बोनस देने की मंजूरी दी है। वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत इस बोनस का लाभ राज्य सरकार के अराजपत्रित कर्मचारियों के साथ ही पात्र दैनिक वेतनभोगी कार्मिकों को भी मिलेगा। पात्र कर्मचारियों को 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर बोनस दिया जाएगा। इसकी गणना के लिए अधिकतम मासिक परिलब्धि सीमा सात हजार रुपये तय की गई है। इस आधार पर कर्मचारी को अधिकतम करीब 6,908 रुपये मिलेंगे।

वित्त विभाग की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार, समूह ‘ग’ और ‘घ’ के कर्मचारियों के अलावा समूह ‘ख’ के उन अराजपत्रित कर्मचारियों को भी बोनस मिलेगा, जिनका ग्रेड वेतन 4,800 रुपये यानी पुनरीक्षित वेतनमान में वेतन स्तर-8 तक है। यह लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा, जो उत्पादकता से जुड़ी किसी अन्य बोनस योजना के दायरे में नहीं आते।

बोनस के लिए 31 मार्च 2026 को सेवा में कार्यरत होना और उस तारीख तक कम से कम छह माह की निरंतर एवं संतोषजनक सेवा पूरी करना अनिवार्य है। छह माह से एक वर्ष तक की सेवा वाले पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार आनुपातिक आधार पर बोनस दिया जाएगा।

दैनिक वेतनभोगियों को भी लाभ

शासनादेश में पात्र दैनिक वेतनभोगी और आकस्मिक कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। छह कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में पिछले तीन वर्ष या उससे अधिक समय तक प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन और पांच कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में प्रत्येक वर्ष कम से कम 206 दिन काम करने वाले कर्मचारियों को बोनस मिलेगा। इनके लिए गणना की अधिकतम मासिक सीमा 1,200 रुपये तय की गई है। इस आधार पर उन्हें अधिकतम करीब 1,184 रुपये मिलेंगे।

इस फैसले का लाभ विभिन्न राजकीय विभागों के कार्यप्रभारित कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के पात्र कार्मिकों को भी मिलेगा। लाभ में रहने की स्थिति में स्थानीय निकायों और विकास प्राधिकरणों के पात्र कर्मचारियों को भी निर्धारित व्यवस्था के तहत बोनस दिया जाएगा। इसका भुगतान संबंधित निकाय और प्राधिकरण अपने संसाधनों से करेंगे।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश के विकास में सरकारी कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके परिश्रम और समर्पण से ही जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को धरातल पर उतारा जाता है। सरकार कार्मिकों के हितों और कल्याण के प्रति संवेदनशील है तथा उन्हें प्रोत्साहन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

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