October 10, 2026 5:01 am

‘मैं तो डेनिस को डेनिम कहता था’, हरीश रावत की सुबोध उनियाल को खुली चुनौती, बोले- कराइए निष्पक्ष जांच

देहरादून। उत्तराखंड में डेनिस शराब विवाद को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल पर पलटवार किया है। हरीश रावत ने चुनौती दी कि यदि डेनिस शराब घोटाला था, तो सरकार इसकी निष्पक्ष जांच कराए। उन्होंने कहा कि वह खुद जांच के लिए गठित कार्यबल के सामने पेश होने को तैयार हैं। उनके बयान से प्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।

भाजपा की ओर से समय-समय पर डेनिस शराब को लेकर हरीश रावत पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। अब हरीश रावत ने भी इस मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए कहा कि यदि डेनिस को घोटाला माना जा रहा है, तो इसकी जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस शराब को लेकर पहले सवाल खड़े किए जा रहे थे, वह आज भी सेना की कैंटीनों में बिक रही है। ऐसे में यदि उस समय डेनिस गलत थी, तो भाजपा सरकार के कार्यकाल में वह सही कैसे हो गई?

हरीश रावत ने स्वीकार किया कि उनसे एक चूक हुई थी, जो भरोसे पर आधारित थी। उन्होंने बताया कि गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में गढ़वाल मंडल विकास निगम और कुमाऊं मंडल विकास निगम को लाभ में लाने के उद्देश्य से शराब बिक्री का दायित्व दिया गया था। हालांकि, डेनिस के मामले में क्या हुआ, इस पर उनके सलाहकार समय रहते ध्यान नहीं दे पाए।

उन्होंने सवाल उठाया कि उनका आदेश स्पष्ट था कि उत्तराखंड के फल और सब्जियों का इस्तेमाल करने वाले मदिरा निर्माताओं को 20 प्रतिशत आरक्षित विपणन अधिकार दिए जाएंगे। इसके बावजूद तीन से चार महीने तक दूसरे ब्रांडों को रोककर यह हिस्सेदारी 70 से 80 प्रतिशत तक कैसे पहुंच गई? उन्होंने पूछा कि इसके पीछे किसकी मिलीभगत थी और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।

हरीश रावत ने कहा कि वह शुरुआत में डेनिस नाम से परिचित भी नहीं थे और लंबे समय तक इसे डेनिम कहते रहे। उनके मुताबिक, भाजपा ने बार-बार इस मुद्दे को उठाकर उन्हें इसका नाम याद करा दिया।

कांग्रेस नेता ने सुबोध उनियाल को चुनौती देते हुए कहा कि अब सरकार में वह मंत्री हैं, इसलिए विशेष जांच दल गठित कर पूरे मामले की जांच कराएं। उन्होंने कहा कि आज डेनिस के साथ हिलटॉप, काफल, माल्टा और संतरा जैसे कई ब्रांड भी बाजार में बिक रहे हैं। यदि कहीं गलती हुई है, तो जांच किसी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।

हरीश रावत ने कहा कि मामले में ‘मेरा डेनिस, तेरा डेनिस’ करने के बजाय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

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