October 10, 2026 4:30 am

उत्तराखंड में पांच वन अधिकारियों के तबादले, नरेश कुमार से लेकर शिरीन संजय तक की बदली जिम्मेदारी

देहरादून। उत्तराखंड शासन ने वन विभाग में भारतीय वन सेवा के पांच अधिकारियों के तबादले किए हैं। अगस्त में बड़े स्तर पर स्थानांतरण के करीब एक महीने बाद जारी हुई इस सूची में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक से लेकर प्रभागीय वनाधिकारी स्तर तक के अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। शासन ने अलग-अलग प्रशासनिक और व्यक्तिगत कारणों के आधार पर ये तबादले किए हैं।

नरेश कुमार की मुख्य तैनाती अब प्रशासन में की गई है, जबकि उन्हें जायका परियोजना का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इससे पहले वह जायका की मुख्य जिम्मेदारी संभाल रहे थे। बताया गया है कि जायका परियोजना का पहला चरण पूरा होने के बाद यह बदलाव किया गया है, ताकि उनका वेतन विभाग से ही जारी हो सके।

दीपक कुमार को तराई पूर्वी वन प्रभाग से हटाकर पिथौरागढ़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शासन की ओर से इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र की संवेदनशीलता, प्रशासनिक आवश्यकताओं और अधिकारी के कार्य अनुभव को ध्यान में रखने की बात कही गई है। उनका कार्यकाल पूरा होने से पहले ही यह बदलाव किया गया है।

राहुल मिश्रा को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक पद से हटाकर तराई पूर्वी वन प्रभाग, हल्द्वानी भेजा गया है। उनके स्थानांतरण का कारण जनहित और विभागीय कार्यों का सुचारू संचालन बताया गया है।

आदित्य रत्न को पिथौरागढ़ से हटाकर हल्द्वानी में उपवन संरक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें पारिवारिक परिस्थितियों के चलते अनुरोध के आधार पर स्थानांतरित किया गया है।

वहीं, शिरीन संजय को राजाजी राष्ट्रीय उद्यान के उपनिदेशक पद से हटाकर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का उपनिदेशक बनाया गया है। उनके स्थानांतरण के पीछे कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के महत्व और संवेदनशीलता के साथ वन्यजीव संरक्षण तथा प्रशासनिक कार्यों के प्रभावी संचालन को वजह बताया गया है।

वन विभाग में हालिया तबादलों को प्रशासनिक जरूरतों, कार्य संचालन और अधिकारियों की परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है। अगस्त के बाद कम समय में दोबारा हुए इन बदलावों से विभाग में जिम्मेदारियों का नए सिरे से बंटवारा हुआ है।

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