September 14, 2026 10:20 am

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में बड़ी कामयाबी, 10.847 किमी लंबी सुरंग हुई आर-पार

देहरादून। उत्तराखंड के पहाड़ों में रेल पहुंचाने की महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना ने शुक्रवार को एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। टिहरी जिले के ढालवाला में निर्माणाधीन पहली एस्केप टनल का ब्रेकथ्रू पूरा हो गया। सुरंग के दोनों छोर जुड़ने के साथ ही 10.847 किलोमीटर लंबी एस्केप टनल-1 आर-पार हो गई है। इसे देश की दूसरी सबसे लंबी रेलवे सुरंग बताया गया है।

125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना उत्तराखंड के बेहद कठिन पहाड़ी और भूगर्भीय क्षेत्र से होकर गुजर रही है। परियोजना में सुरंग निर्माण सबसे बड़ी चुनौती है। ऊंचे पहाड़ों, कमजोर चट्टानों और कठिन भूगर्भीय परिस्थितियों के बीच सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य किया जा रहा है।

परियोजना के तहत कुल 28 सुरंगों का निर्माण होना है, जिनमें से 22 का काम पूरा हो चुका है। इस तरह करीब 78 प्रतिशत सुरंगों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। ढालवाला की एस्केप टनल का ब्रेकथ्रू इसी दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

परियोजना के निर्माण में रेल विकास निगम लिमिटेड की महत्वपूर्ण भूमिका है। अधिकारियों के अनुसार, सुरंग निर्माण के दौरान कई स्थानों पर बेहद कमजोर चट्टानी क्षेत्र और मायलोनाइट क्षेत्र मिले। सुरंग के मुख्य सीमा भ्रंश के करीब होने के कारण भी निर्माण कार्य चुनौतीपूर्ण रहा।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों में रेल संपर्क मजबूत करने के साथ सड़क मार्ग पर निर्भरता कम करना और यात्रियों के आवागमन को सुविधाजनक बनाना है। रेल सेवा शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों के साथ तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। चारधाम समेत प्रदेश के धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच के लिहाज से भी परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

देश की सबसे लंबी रेलवे सुरंग जम्मू-कश्मीर की उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल परियोजना के कटरा-बनिहाल खंड में बनी सुरंग-49 है। खारी और बनिहाल स्टेशनों के बीच स्थित इस सुरंग की लंबाई 12.895 किलोमीटर है। इसके बाद ढालवाला की 10.847 किलोमीटर लंबी एस्केप टनल देश की प्रमुख लंबी रेलवे सुरंगों में शामिल हो गई है।

और पढ़ें

मतदान सर्वेक्षण

0
Default choosing

Did you like our plugin?

Poola Jada

और पढ़ें