देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम से मुलाकात कर विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए एक ही व्यक्ति के नाम से बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज किए जाने की शिकायत की और मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने पिछले दिनों मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष दिए गए विभिन्न प्रत्यावेदनों पर निर्वाचन आयोग की स्थिति की जानकारी मांगी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया 29 मई से शुरू हुई थी और प्रारूप निर्वाचक नामावली 14 जुलाई को प्रकाशित की गई। दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 14 जुलाई से 13 अगस्त तक निर्धारित की गई है।
गोदियाल ने कहा कि इस दौरान कुछ असामान्य और गंभीर परिस्थितियां सामने आई हैं। उन्होंने फॉर्म 7 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि इनके विश्लेषण से कई चिंताजनक तथ्य सामने आए हैं। कांग्रेस की ओर से विभिन्न तिथियों में उपलब्ध आंकड़ों और दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ इन मामलों को मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष उठाया गया है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों की ओर से एक ही तरह के कई फॉर्म 7 ऑनलाइन माध्यम से बार-बार दाखिल किए जा रहे हैं। कांग्रेस के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की ओर से भी इस संबंध में लगातार आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतों के बावजूद इस समस्या का अभी तक अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है।
गोदियाल के अनुसार, सत्यापन के दौरान कई ऐसे निर्वाचक अपने घोषित पते पर निवास करते हुए पाए गए हैं, जिनके खिलाफ आपत्तियां दर्ज की गई थीं। इससे इन आपत्तियों की वास्तविकता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ मामलों में एक ही आपत्तिकर्ता की ओर से अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में फॉर्म 7 दाखिल किए गए हैं।
कांग्रेस ने आशंका जताई कि इस तरह बड़े पैमाने पर आपत्तियां दाखिल किए जाने से निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित करने और लक्षित तरीके से मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास हो सकता है। गोदियाल ने दावा किया कि कुछ लोगों की ओर से प्रति व्यक्ति 150 से अधिक आपत्तियां दाखिल की गई हैं, जबकि कई आपत्तिकर्ताओं ने अलग-अलग बूथों और विधानसभा क्षेत्रों में 50 से 150 तक आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
उन्होंने कहा कि फॉर्म 7 की प्रक्रिया का इस प्रकार कथित बड़े पैमाने पर इस्तेमाल निर्वाचन नामावली पुनरीक्षण की पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कांग्रेस ने मांग की कि प्रत्येक आपत्ति का निष्पक्ष सत्यापन कराया जाए और यदि प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता या दुरुपयोग सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से यह भी आग्रह किया कि वास्तविक और पात्र मतदाताओं के नाम किसी भी स्थिति में गलत तरीके से मतदाता सूची से न हटाए जाएं और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराया जाए।











