देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड को देश और दुनिया के प्रमुख वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘वेड इन उत्तराखंड’ अभियान स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
मसूरी-देहरादून मार्ग स्थित पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट में आयोजित ‘ग्रेस हिन्दुस्थान 2.0 उत्तराखंड’ राष्ट्रीय वेडिंग प्रोफेशनल्स सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान इसे डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए सबसे उपयुक्त राज्य बनाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह स्थल त्रियुगीनारायण मंदिर सहित ऊखीमठ, रामनगर, टिहरी और मसूरी जैसे स्थानों को विश्वस्तरीय वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डेस्टिनेशन वेडिंग से होटल और रिसॉर्ट ही नहीं, बल्कि स्थानीय कारीगरों, लोक कलाकारों, होमस्टे संचालकों, टैक्सी चालकों और छोटे व्यवसायियों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वेडिंग टूरिज्म के साथ-साथ स्पिरिचुअल और वेलनेस टूरिज्म को भी विशेष बढ़ावा दे रही है। केदारखंड और मानसखंड के विकास, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर तथा शीतकालीन यात्रा जैसी पहलें पर्यटन को वर्षभर गति देने में मदद करेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था, निवेश अनुकूल नीतियां, सड़क, रेल, रोपवे और हेलीपोर्ट जैसी मजबूत कनेक्टिविटी के कारण उत्तराखंड निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। उन्होंने देशभर से आए वेडिंग प्लानर्स, इवेंट विशेषज्ञों और निवेशकों से उत्तराखंड के पर्यटन विकास में साझेदारी करने और अपने सुझाव देने का आह्वान किया।










