July 11, 2026 1:14 am

ज्योतिर्मठ पुनर्वास कार्यों की एनडीएमए ने की समीक्षा, प्रगति पर जताया संतोष, पुनर्वास कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण पूरा करने के दिये निर्देश

देहरादून। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने गुरुवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में ज्योतिर्मठ भूधंसाव के बाद चल रहे पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में एनडीएमए की सदस्य रीता मिस्सल और सदस्य दिनेश कुमार असवाल ने विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति पर संतोष जताते हुए सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा, गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में रीता मिस्सल ने कहा कि पुनर्वास प्रक्रिया में स्थानीय लोगों की सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण है। सभी कार्य प्रभावित परिवारों को विश्वास में लेकर किए जाएं, ताकि पुनर्वास सुचारु रूप से आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और एनडीएमए ज्योतिर्मठ के प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं तथा सुरक्षित पुनर्वास के साथ उनकी आजीविका को भी प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए।

एनडीएमए सदस्य दिनेश कुमार असवाल ने ज्योतिर्मठ क्षेत्र में भूधंसाव के वैज्ञानिक जोखिम आकलन और आधुनिक मॉनिटरिंग उपकरण स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रियल टाइम निगरानी व्यवस्था से भूमि की गतिविधियों का समय रहते आकलन कर आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि राज्य सरकार को तकनीकी या अन्य किसी प्रकार की आवश्यकता होने पर एनडीएमए हर संभव सहयोग उपलब्ध कराएगा।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत ज्योतिर्मठ पुनरुत्थान परियोजना के तहत मई 2025 में 292 करोड़ रुपये की पहली किस्त राज्य को प्राप्त हुई थी। इस धनराशि से ढाल स्थिरीकरण, टो-प्रोटेक्शन, सीवर एवं ड्रेनेज सहित विभिन्न महत्वपूर्ण कार्य तेजी से संचालित किए जा रहे हैं। एनडीएमए ने इन कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।

बैठक में चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि असुरक्षित घोषित 55 भवनों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एनडीएमए ने इस कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि संभावित खतरे को जल्द कम किया जा सके।

सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि राज्य सरकार ज्योतिर्मठ पुनर्वास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है। सभी विभागों के बेहतर समन्वय से पुनर्निर्माण और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जा रही है, ताकि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित और बेहतर पुनर्वास उपलब्ध कराया जा सके।

बैठक में वर्ष 2025 की आपदाओं के बाद पीडीएनए-2025 के तहत स्वीकृत 811 करोड़ रुपये की धनराशि के प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि इस मद में 182.67 करोड़ रुपये की पहली किस्त राज्य को प्राप्त हो चुकी है। एनडीएमए ने निर्देश दिए कि उपलब्ध धनराशि का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र और परिणामोन्मुख उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा सके।

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