July 7, 2026 1:48 am

उत्तराखंड: SIR में 13 लाख से ज्यादा वोटरों पर असर, 2027 चुनाव का गणित बदलने के संकेत

देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहले चरण के पूरा होने से पहले मतदाता सूची में बड़े बदलाव के संकेत मिले हैं। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार एसआईआर के दौरान 8.41 लाख मतदाता एएसडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत एवं अन्य) श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं, जबकि प्री-एसआईआर के दौरान भी करीब 4.95 लाख नाम मतदाता सूची से हट चुके हैं। ऐसे में कुल मिलाकर 13.36 लाख से अधिक मतदाताओं पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

वर्तमान में प्रदेश में 79.60 लाख मतदाताओं में से 71.16 लाख मतदाताओं के गणना फॉर्म डिजिटलाइज किए जा चुके हैं। एसआईआर के दौरान 89.40 प्रतिशत से अधिक गणना फॉर्म ऑनलाइन दर्ज किए गए हैं। 14 जुलाई को प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित होगी, जिसके बाद दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया शुरू होगी।

निर्वाचन विभाग के अनुसार एएसडी श्रेणी में शामिल 8.41 लाख मतदाताओं में 1.24 लाख मृत, 4.79 लाख स्थायी रूप से स्थानांतरित, 61,888 पहले से अन्यत्र पंजीकृत, 1.66 लाख अनुपस्थित तथा 8,351 अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं।

सबसे अधिक संभावित नाम देहरादून (1.90 लाख), ऊधमसिंह नगर (1.82 लाख), हरिद्वार (1.31 लाख) और नैनीताल (72 हजार) जिलों से हट सकते हैं। पर्वतीय जिलों की तुलना में मैदानी जिलों में स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं की संख्या अधिक सामने आई है।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने कहा कि अभी एएसडी श्रेणी के मतदाताओं का सत्यापन जारी है। यदि कोई पात्र मतदाता गणना फॉर्म जमा कर देता है तो उसका नाम सूची में शामिल किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही जारी होगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2022 विधानसभा चुनाव की तुलना में यदि मतदाताओं की संख्या करीब 10 लाख तक घटती है तो इसका सीधा असर 2027 के विधानसभा चुनाव के समीकरणों और राजनीतिक दलों की रणनीति पर पड़ सकता है।

 

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