June 24, 2026 10:07 pm

डेटा आधारित सुशासन की दिशा में उत्तराखंड का बड़ा कदम, मुख्य सचिव ने किया कार्यशाला का शुभारंभ

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को चकराता रोड स्थित एक होटल में अर्थ एवं संख्या निदेशालय तथा सीपीपीजीजी, नियोजन विभाग द्वारा आयोजित डेटा हार्मोनाइजेशन-बिल्डिंग डेटा लिंक्ड गवर्नेंस सिस्टम’ विषयक कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शासन-प्रशासन का मूल्यांकन उसकी मंशा से नहीं, बल्कि उसके परिणामों से किया जाता है और इन परिणामों का सही आकलन गुणवत्तापूर्ण डेटा के माध्यम से ही संभव है।

मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड अपनी भौगोलिक परिस्थितियों, आपदा संवेदनशीलता, पलायन और पर्यावरणीय चुनौतियों के कारण विशिष्ट विकासात्मक परिस्थितियों वाला राज्य है। ऐसे में डेटा हार्मोनाइजेशन केवल आंकड़ों के समन्वय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूर्वानुमान आधारित और प्रभावी योजना निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बन सकता है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग जैसी उभरती तकनीकों को डेटा प्रबंधन के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि इनके प्रभावी उपयोग से पहले डेटा की गुणवत्ता, गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को सांख्यिकीय कार्यों से जुड़े अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में चिन्हित कर उनके क्षमता विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

कार्यशाला के मुख्य अतिथि एवं भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के सचिव सौरभ गर्ग ने उत्तराखंड की पहल की सराहना करते हुए कहा कि भुवनेश्वर में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के बाद डेटा हार्मोनाइजेशन के विषय पर गंभीरता से कार्यशाला आयोजित करने वाला उत्तराखंड अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि सटीक डेटा संसाधनों के बेहतर उपयोग, प्रभावी नियोजन और नागरिकों की अपेक्षाओं को पूरा करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

नीति आयोग की प्रमुख आर्थिक सलाहकार अन्ना रॉय ने कहा कि केवल डेटा संग्रह करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका सही विश्लेषण और व्याख्या भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने राज्य को नीति आयोग की ओर से हर संभव तकनीकी सहयोग का आश्वासन दिया।

कार्यशाला में तीन तकनीकी सत्रों का आयोजन प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव रणजीत सिन्हा तथा बीवीआरसी पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में किया गया। समापन सत्र में सीपीपीजीजी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मनोज कुमार पंत ने राज्य की आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए सभी विशेषज्ञों, शिक्षण संस्थानों और सहयोगी संगठनों का आभार व्यक्त किया।

कार्यशाला में आईएसबी हैदराबाद, आईआईएम अहमदाबाद, जे-पाल, विश्व बैंक सहित विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञों तथा निजी क्षेत्र और कॉरपोरेट जगत के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए।

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