July 22, 2026 12:51 am

आपदा प्रबंधन में उत्तराखंड बना मिसाल, श्रीलंका के 40 अधिकारियों ने लिया अनुभव

देहरादून। उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल की कार्यप्रणाली को समझने के लिए श्रीलंका के 40 सिविल सेवा अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) का भ्रमण किया। नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (एनसीजीजी) के तत्वावधान में आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम के तहत अधिकारियों ने राज्य में विकसित आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं, तकनीकी नवाचारों और पूर्व चेतावनी प्रणालियों की जानकारी हासिल की।

कार्यक्रम के दौरान अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) राजकुमार नेगी ने बताया कि उत्तराखंड में आपदाओं से निपटने के लिए मजबूत संस्थागत तंत्र विकसित किया गया है। उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी), जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों (डीईओसी), चेतावनी प्रसारण प्रणाली और सूचना एवं संचार तकनीक के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि राज्य में आपदा जोखिम को कम करने के लिए स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाती है तथा बहु-स्तरीय संचार प्रणाली के माध्यम से चेतावनी संदेश अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचाए जाते हैं।

कार्यक्रम में मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी प्रणाली पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा डॉप्लर वेदर रडार, स्वचालित मौसम केंद्र, वर्षामापी यंत्रों और उपग्रह आधारित तकनीकों के जरिए आंकड़े जुटाकर रियल टाइम विश्लेषण किया जाता है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में जोखिम प्रबंधन को मजबूती मिलती है।

उत्तराखंड भू-स्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के निदेशक डॉ. शांतनु सरकार ने राज्य में भूस्खलन जोखिम कम करने के लिए किए जा रहे वैज्ञानिक प्रयासों और तकनीकी उपायों की जानकारी साझा की। श्रीलंका में भी भूस्खलन और अत्यधिक वर्षा की घटनाएं आम होने के कारण प्रतिनिधिमंडल ने इन विषयों में विशेष रुचि दिखाई।

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि ऐसे अध्ययन कार्यक्रम आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में क्षमता निर्माण के प्रभावी माध्यम हैं। विभिन्न देशों के अनुभवों के आदान-प्रदान से संस्थागत दक्षता बढ़ती है और आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए बेहतर रणनीतियां विकसित होती हैं।

एनसीजीजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ए.पी. सिंह ने बताया कि संस्थान अब तक 52 देशों के सिविल सेवा अधिकारियों को प्रशिक्षण दे चुका है। श्रीलंका सरकार के साथ हुए समझौते के तहत आपदा प्रबंधन विषय पर यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओबैदुल्लाह अंसारी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

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