May 15, 2026 6:19 pm

देहरादून: स्टांप चोरी और अवैध रजिस्ट्रियों पर बड़ा एक्शन, विकासनगर उप निबंधक अपूर्वा सिंह के निलंबन की संस्तुति

देहरादून: देहरादून में जिला प्रशासन की कार्रवाई के बाद विकासनगर उप निबंधक कार्यालय में बड़े स्तर पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में स्टांप चोरी, अवैध रजिस्ट्रियां और रिकॉर्ड प्रबंधन में गंभीर खामियां सामने आने के बाद विकासनगर उप निबंधक अपूर्वा सिंह के निलंबन की संस्तुति शासन को भेज दी गई है।

जानकारी के मुताबिक, 4 मई को जिलाधिकारी ने उप निबंधक कार्यालय विकासनगर का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान वर्ष 2018 से लेकर 2025 तक के कई मूल विलेख पत्र संदिग्ध स्थिति में पाए गए। साथ ही कई पंजीकृत दस्तावेज महीनों और वर्षों तक कार्यालय में रोके जाने के मामले भी सामने आए। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने महत्वपूर्ण अभिलेख जब्त कर जांच शुरू कर दी है।

जांच में यह भी सामने आया कि कार्यालय में 25 रजिस्ट्रियां बिना किसी स्पष्ट कारण के वर्षों से लंबित और डंप पड़ी थीं। जब संबंधित अधिकारियों से इसका कारण पूछा गया तो संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। निरीक्षण के दौरान हाईकोर्ट के आदेश से प्रतिबंधित गोल्डन फॉरेस्ट खातों में करीब 150 अवैध रजिस्ट्रियां भी पकड़ी गई हैं।

प्रारंभिक जांच में प्रतिबंधित भूमि की रजिस्ट्रियां किए जाने और गोल्डन फॉरेस्ट की जमीनों से जुड़ी सैकड़ों संदिग्ध रजिस्ट्रियों की जानकारी सामने आई है। प्रशासन अब उस दौरान तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार इन अवैधानिक रजिस्ट्रियों से न सिर्फ सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ, बल्कि भूमि खरीदने वाले लोगों के साथ धोखाधड़ी जैसी स्थिति भी उत्पन्न हुई।

जांच में धारा 47-ए के तहत स्टांप शुल्क चोरी के 47 मामले भी चिन्हित किए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि यह मामला करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान से जुड़ा हो सकता है।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जिला प्रशासन राजस्व और भूमि मामलों में भ्रष्टाचार तथा अनियमितताओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी प्रशासन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

जिला प्रशासन ने वर्तमान के साथ-साथ पूर्व में तैनात सभी सब-रजिस्ट्रारों के कार्यकाल की भी जांच शुरू कर दी है। मामले की विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है ताकि दोषियों के खिलाफ विभागीय और विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

और पढ़ें

मतदान सर्वेक्षण

Poola Jada

और पढ़ें