April 29, 2026 7:09 pm

विधानसभा में महिला आरक्षण पर बहस, बाहर अंकिता को न्याय की मांग पर गरजा जनाक्रोश

देहरादून। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र के बीच सदन के भीतर महिला आरक्षण पर राजनीतिक बहस गूंजती रही, वहीं बाहर सड़कों पर Ankita Bhandari को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों का आक्रोश देखने को मिला। एक ओर सरकार विपक्ष को महिला आरक्षण के मुद्दे पर घेरती रही, तो दूसरी ओर विधानसभा कूच कर रहे संगठनों ने महिलाओं की सुरक्षा और न्याय के सवाल उठाए।

Ankita Nyay Yatra Sanyukt Sangharsh Manch के बैनर तले प्रदर्शनकारियों ने हरिद्वार रोड स्थित एलआईसी बिल्डिंग से रैली निकालकर विधानसभा कूच किया, लेकिन पुलिस ने रिस्पना पुल से पहले बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई।

मंच से जुड़ी सामाजिक कार्यकर्ता Kamla Pant ने आरोप लगाया कि सरकार महिला हितैषी होने का दिखावा कर रही है, जबकि अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब तक कथित वीआईपी आरोपी पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि तीन साल बाद भी न्याय अधूरा है और सरकार पर आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अंकिता का सवाल अब सिर्फ एक हत्याकांड नहीं, बल्कि उत्तराखंड के जल, जंगल, जमीन और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। मंच ने आरोप लगाया कि राज्य में बढ़ती रिजॉर्ट संस्कृति और महिला अपराधों को लेकर सरकार जवाब देने से बच रही है।

प्रदर्शनकारियों ने एक दिवसीय विशेष सत्र को राजनीतिक नौटंकी बताते हुए कहा कि सरकार को महिला आरक्षण पर राजनीति करने के बजाय अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए विशेष सत्र बुलाना चाहिए था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो यह आंदोलन प्रदेश से निकलकर देशव्यापी रूप लेगा।

विधानसभा के भीतर महिला आरक्षण पर चर्चा और बाहर न्याय की मांग को लेकर उठती आवाजों ने दिनभर सियासी और सामाजिक माहौल को गरमाए रखा।

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