देहरादून:महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने बुधवार को देहरादून स्थित विधानसभा के बाहर सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की मांग उठाई।
धरने का नेतृत्व गणेश गोदियाल ने किया, जिसमें हरीश रावत, हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह और ममता राकेश समेत कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
भाजपा पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में संसद से पारित महिला आरक्षण बिल को लागू करने के बजाय सरकार ने परिसीमन जैसे मुद्दे जोड़कर इसे उलझाने का काम किया।
हरीश रावत ने इसे भाजपा का सुनियोजित षड्यंत्र बताते हुए कहा कि अगर विधेयक पारित नहीं हो पाया तो इसके लिए सीधे तौर पर भाजपा जिम्मेदार है।
विशेष सत्र पर भी सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बुलाया गया विशेष सत्र कांग्रेस को घेरने के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण के मुद्दे पर झूठ फैलाकर कांग्रेस को दोषी ठहराने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण की पक्षधर रही है।
गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने निकायों और पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण देने का काम किया और 2023 के महिला आरक्षण बिल में भी कांग्रेस ने सहयोग दिया था।
महिला आरक्षण पर बढ़ा सियासी तापमान
महिला आरक्षण बिल को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर भाजपा विपक्ष पर महिला विरोधी होने का आरोप लगा रही है, तो वहीं कांग्रेस सरकार की नीयत पर सवाल उठा रही है। इसी बीच विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर भी राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।











