July 26, 2026 7:13 am

आईटीबीपी और औद्यानिक परिषद के बीच समझौता, स्थानीय फल-सब्जियां खरीदेंगे जवान

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ के तहत भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल और उत्तराखंड औद्यानिक परिषद के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत उत्तराखंड में तैनात आईटीबीपी की वाहिनियों को स्थानीय स्तर पर ताजे फल और सब्जियों की आपूर्ति की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझौता राज्य के किसानों और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इससे एक ओर आईटीबीपी के जवानों को ताजा और पौष्टिक खाद्य सामग्री मिलेगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।

उन्होंने कहा कि यह पहल स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ किसानों को अपनी उपज के विपणन के लिए स्थायी मंच भी प्रदान करेगी। इस व्यवस्था के तहत चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चंपावत समेत देहरादून क्षेत्र से भी स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे सीमांत क्षेत्रों के किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उन्हें बाजार तक पहुंचने में होने वाली कठिनाइयों से भी राहत मिलेगी। राज्य सरकार किसानों के हितों और जवानों के कल्याण के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

बताया गया कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत पहले भी स्थानीय उत्पादों की खरीद को लेकर समझौता किया गया था, जिसके अच्छे परिणाम मिले हैं। अब तक आईटीबीपी करीब 14 करोड़ 77 लाख रुपये के स्थानीय उत्पाद खरीद चुकी है। यदि आईटीबीपी अपनी वार्षिक जरूरत का लगभग 25 प्रतिशत फल और सब्जियां स्थानीय किसानों से खरीदती है तो किसानों को करीब 6 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी हो सकती है।

इस अवसर पर कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, सचिव कृषि एस.एन. पाण्डेय, आईजी आईटीबीपी मनु महाराज, अपर सचिव आनंद श्रीवास्तव, निदेशक उद्यान एस.एल. सेमवाल, उत्तराखंड औद्यानिक परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेंद्र कुमार यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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