July 27, 2026 10:35 am

उत्तराखंड में रसोई गैस बुकिंग बैकलॉग घटकर 2.68 लाख, घबराने की जरूरत नहीं: खाद्य आयुक्त

देहरादून। वैश्विक परिस्थितियों के बीच उत्तराखंड में एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति को लेकर सरकार सतर्क है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आयुक्त Anand Swaroop ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में अब स्थिति नियंत्रण में है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में आयुक्त ने बताया कि मिडिल ईस्ट में चल रहे तनावपूर्ण हालातों के कारण शुरुआत में एलपीजी गैस की आपूर्ति में कुछ चुनौतियां सामने आई थीं। हालांकि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से अब हालात काफी हद तक सामान्य हो गए हैं।

उन्होंने बताया कि शुरुआत में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर अस्थायी पाबंदियां लगाई गई थीं, जिन्हें अब धीरे-धीरे हटाया जा रहा है। पहले कमर्शियल गैस केवल अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए उपलब्ध कराई जा रही थी, लेकिन बाद में पर्यटन से जुड़े होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों के लिए 20 प्रतिशत अतिरिक्त आपूर्ति शुरू की गई।

इसके बाद 23 मार्च को केंद्र सरकार द्वारा अतिरिक्त 20 प्रतिशत कमर्शियल गैस आपूर्ति की मंजूरी दी गई, जिससे प्रदेश में अब प्रतिदिन करीब 5300 व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति हो रही है।

घरेलू गैस की उपलब्धता को लेकर आयुक्त ने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त गैस उपलब्ध है, लेकिन पैनिक बुकिंग के कारण बैकलॉग बढ़ गया था। एक समय यह संख्या करीब 3 लाख तक पहुंच गई थी, जो अब घटकर लगभग 2 लाख 68 हजार रह गई है।

आयुक्त ने लोगों से अपील की कि बिना जरूरत गैस बुकिंग न करें। उन्होंने बताया कि कई मामलों में लोग पहले से भरे सिलेंडर होने के बावजूद नई बुकिंग कर रहे हैं, जिससे सप्लाई सिस्टम पर अनावश्यक दबाव बढ़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में गैस आपूर्ति की समय सीमा 45 दिन और शहरी क्षेत्रों में 25 दिन निर्धारित की गई है।

पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में किसी तरह की कोई कमी नहीं है। प्रदेश में तीन प्रमुख तेल कंपनियां—Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum—लगातार आपूर्ति बनाए हुए हैं।

आयुक्त ने स्वदेशी पाइप्ड नेचुरल गैस के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की भी अपील की। उन्होंने बताया कि देहरादून, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार पर काम किया जा रहा है, ताकि भविष्य में गैस आपूर्ति और अधिक सुगम हो सके।

काला बाजारी पर सख्ती बरतते हुए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। 9 मार्च से 27 मार्च 2026 के बीच प्रदेश में 4478 निरीक्षण और 87 छापेमारी की गई। इस दौरान 15 एफआईआर दर्ज हुईं और 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान 672 घरेलू और 139 व्यावसायिक गैस सिलेंडर समेत कुल 811 सिलेंडर जब्त किए गए।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता के अनुसार ही गैस बुकिंग करें, ताकि आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

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