July 27, 2026 10:39 am

CM धामी ने की रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाक़ात, हरिद्वार ऋषिकेश तक की RRTS विस्तारीकरण की मांग

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर उत्तराखंड में रेल संपर्क को और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर शीघ्र कार्रवाई का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बेहतर रेल संपर्क के लिए केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय के सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सामरिक, भौगोलिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। उन्होंने दिल्ली से मेरठ के बीच चल रही क्षेत्रीय तीव्र रेल सेवा के सफल संचालन का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे लोगों को समय और ईंधन की बचत के साथ तेज और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार, ऋषिकेश और चारधाम सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर बढ़ते यातायात दबाव का जिक्र करते हुए मेरठ से हरिद्वार और ऋषिकेश तक इस तीव्र रेल सेवा के विस्तार की आवश्यकता बताई और इस दिशा में जल्द कार्यवाही का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए इसके प्रथम चरण का कार्य वर्ष 2026 तक पूरा कर लोकार्पण सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।

इसके साथ ही कुमाऊं क्षेत्र के विकास के लिए टनकपुर–बागेश्वर रेल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने और बागेश्वर–कर्णप्रयाग रेल परियोजना के लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण की अनुमति देने का भी अनुरोध किया गया।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार–देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण, रायवाला पुल विकास कार्य, चारधाम रेल परियोजना के अंतर्गत डोईवाला–उत्तरकाशी और कर्णप्रयाग–पीपलकोटी खंडों के अंतिम स्थान सर्वेक्षण को शीघ्र पूरा कर स्वीकृति देने तथा मोहंड–देहरादून–सहारनपुर रेल लाइन परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी देने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं उत्तराखंड के संतुलित और समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को यह भी बताया कि राज्य सरकार वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ मेले को भव्य और दिव्य स्वरूप देने की तैयारी कर रही है। इस बार कुंभ मेले को “डिजिटल कुंभ” के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि डिजिटल कुंभ परियोजना के लिए 143 करोड़ 96 लाख रुपये की वित्तीय सहायता हेतु भारत सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है और इस पर शीघ्र कार्यवाही का अनुरोध किया गया है।

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