हरिद्वार: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते रोज हरिद्वार में आयोजित एक प्रोगाम में शिरकत की। इस दौरान सीएम ने कहा आगामी 27 जनवरी को उत्तराखंड में यूसीसी लागू किए जाने के एक साल पूरा हो जाएगा. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा उत्तराखंड राज्य ने देश में सबसे पहले यूसीसी कानून लागू किया था. देश के संविधान की आत्मा कहे जाने वाले अनुच्छेद 44 में इसका प्रावधान था. भारत में सबसे पहले उत्तराखंड सरकार ने यूसीसी लागू किया, इसलिए वो दिन हमारे लिए सबसे विशेष दिन रहेगा. इस दिन को हम विशेष रूप से मनाएगे।
विवाह पंजीकरण में आई तेजी
इस कानून में जहां महिला व पुरुषों के लिए विवाह की उम्र निर्धारित कर दी गई है। वहीं सभी धर्मों में तलाक और दूसरी प्रक्रिया के लिए भी कड़े प्रावधान किए गए हैं। इस कानून के लागू होने से महिलाओं को बहुविवाह व हलाला जैसी कुप्रथाओं से मुक्ति मिली है। यूसीसी लागू होने के बाद राज्य में विवाह पंजीकरण में तेजी आई है। आंकड़ों के अनुसार राज्य में 27 जनवरी 2025 से यूसीसी लागू होने बाद जुलाई 25 तक यानी छह माह की अवधि में विवाह पंजीकरण की संख्या तीन लाख से अधिक पहुंच गई है, जबकि वर्ष 2010 में लागू पुराने एक्ट के तहत 26 जनवरी 2025 तक कुल 3.30 लाख से अधिक विवाह पंजीकरण हुए थे। प्रतिदिन का औसत देखा जाए तो पुराने एक्ट के अनुसार प्रतिदिन विवाह पंजीकरण की औसत संख्या मात्र 67 थी, जो यूसीसी लागू होने बाद 1634 पहुंच गई है।











